Ayodhya News: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा में कथित चोरी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। अयोध्या पुलिस और साइबर फॉरेंसिक टीम ने आरोपियों के मोबाइल से करीब एक साल पहले डिलीट किए गए चैट्स और डिजिटल रिकॉर्ड रिकवर कर लिए हैं। जांच में दो करोड़ रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी और रकम के बंटवारे से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।
चैट्स में सामने आया पैसों का विवाद
बरामद चैट्स के अनुसार फरवरी 2026 में अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के बीच कथित चोरी की रकम के बंटवारे को लेकर तीखी बहस हुई थी। एक आरोपी ने दूसरे पर अपने हिस्से से ज्यादा रकम रखने का आरोप लगाया। पुलिस इसे जांच की महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है।
बैंक खातों और संपत्तियों की पड़ताल तेज
पुलिस अब डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज रकम का बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से मिलान कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित चोरी की रकम से कार, मकान, मोटरसाइकिल या अन्य संपत्तियां खरीदी गईं या नहीं।
नए मोबाइल भी जांच के दायरे में
जांच में पता चला कि कुछ आरोपियों ने पुराने मोबाइल छोड़कर नए फोन इस्तेमाल करने शुरू कर दिए थे। साइबर विशेषज्ञ अब यह पता लगा रहे हैं कि पुराने डेटा को नए उपकरणों में ट्रांसफर किया गया था या किसी अन्य माध्यम से संपर्क बनाए रखा गया था।
कार बरामद, प्रतापगढ़ तक पहुंची जांच
जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर चोरी की रकम से कार खरीदी थी, जिसे भाई के नाम पर रजिस्टर कराया गया। पुलिस ने रिमांड के दौरान कार बरामद कर ली और प्रतापगढ़ स्थित गांव में जाकर अन्य सामान और तथ्यों का भी सत्यापन किया।
डिजिटल सबूतों से खुलेगा पूरा नेटवर्क
अब जांच एजेंसियां मोबाइल चैट्स, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं। अदालत से अनुमति मिलने के बाद अन्य आरोपियों से भी पूछताछ होगी। पुलिस का मानना है कि तकनीकी और वित्तीय साक्ष्य कथित चढ़ावा चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकते हैं।