Tata Steel AGM 2026: वैश्विक इस्पात बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी का शुद्ध लाभ 243 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹10,886 करोड़ तक पहुंच गया. 119वीं वार्षिक आमसभा में चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ग्रीन स्टील और डिजिटल तकनीक पर निवेश को कंपनी की भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा बताया.
मुनाफे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का प्रस्ताव
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसका समेकित राजस्व बढ़कर करीब ₹2.32 लाख करोड़ रुपये हो गया. इस दौरान EBITDA में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया. बेहतर वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए ₹4 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है. कंपनी का कहना है कि मजबूत परिचालन प्रदर्शन और लागत प्रबंधन का असर वित्तीय नतीजों में दिखाई दिया.
उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ग्रीन स्टील पर फोकस
टाटा स्टील ने ओडिशा स्थित कलिंगानगर संयंत्र के दूसरे चरण का विस्तार पूरा कर लिया है, जिसके बाद कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.1 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गई है. अब अगले चरण में इसे 40 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड के एकीकरण और अन्य विस्तार परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ाया जाएगा.
चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी कम-कार्बन इस्पात उत्पादन की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है. ब्रिटेन के पोर्ट टैल्बोट में इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस परियोजना पर काम जारी है, जिससे ग्रीन स्टील उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. वहीं उत्पादन, गुणवत्ता और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए 860 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडल और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है.
CSR और सुरक्षा को भी मिली प्राथमिकता
कंपनी ने कार्यस्थल पर जीरो हार्म सुरक्षा संस्कृति को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया. वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान CSR गतिविधियों पर ₹473 करोड़ खर्च किए गए, जिससे देशभर में 69 लाख से अधिक लोगों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचा. कंपनी ने पर्यावरण अनुकूल इस्पात उत्पादन और टिकाऊ विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य की रणनीति में तकनीक, क्षमता विस्तार और सतत विकास पर समान रूप से जोर रहेगा.