Ranchi Government Land Fraud: राजधानी रांची के कांके अंचल में सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में डिजिटल छेड़छाड़ कर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. आरोप है कि पिछले करीब सात वर्षों के दौरान ऑनलाइन रजिस्टर-2, यानी पंजी-2 में बदलाव कर लगभग 20 एकड़ गैरमजरूआ जमीन की अवैध जमाबंदी कर दी गई. इसके बाद जमीन की 100 से अधिक रजिस्ट्रियां कर करोड़ों रुपये का कारोबार किया गया. आरोप है कि कई भूखंडों पर बहुमंजिला इमारतें और फ्लैट भी बन चुके हैं.
फर्जी यूजर आईडी और लॉगिन के दुरुपयोग का आरोप
प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन भू-अभिलेखों में संदिग्ध बदलाव के संकेत मिले हैं. आरोप है कि फर्जी यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर राजस्व कर्मियों के लॉगिन का दुरुपयोग किया गया. इसके जरिए सरकारी जमीन का डिमांड खोला गया और फिर पंजी-2 में बदलाव कर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई.
मामले में राजस्व कर्मियों, तकनीकी विशेषज्ञों, भू-माफियाओं और बिल्डरों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रिकॉर्ड में बदलाव किस स्तर पर, किन आईडी से और किन लोगों के लाभ के लिए किए गए.
उपायुक्त ने दिए सात साल के रिकॉर्ड की जांच के आदेश
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. कांके अंचल के पिछले सात वर्षों के भूमि रिकॉर्ड, जमाबंदी, नामांतरण और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
संदिग्ध यूजर आईडी और पासवर्ड बदल दिए गए हैं. साथ ही साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है. जांच में आईपी एड्रेस, लॉगिन हिस्ट्री, दस्तावेजों की एंट्री और नामांतरण प्रक्रिया की भी पड़ताल की जाएगी.
मूल रिकॉर्ड और ऑनलाइन रजिस्टर-2 में मिला अंतर
यह मामला उस समय सामने आया, जब कांके अंचल अधिकारी अमित भगत ने ऑनलाइन रजिस्टर-2 और मूल राजस्व रिकॉर्ड के बीच अंतर पाया. जांच में सुकुरहुटू मौजा के खाता संख्या-41 के कई प्लॉट और गारू मौजा के खाता संख्या-56 की करीब 1.28 एकड़ जमीन में कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है.
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2025-26 के नामांतरण मामलों में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया. अंचल अधिकारी का कहना है कि निष्पक्ष और विस्तृत जांच होने पर दूसरे जिलों में भी इसी तरह के भूमि रिकॉर्ड फर्जीवाड़े के मामले सामने आ सकते हैं.