BREAKING: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी (डबल डाउन) बार के बाहर करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या और प्रत्युष सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में आखिरकार पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के समय मौके पर पहुंची गश्ती दल के तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई लोगों के भारी आक्रोश और पुलिस की भूमिका पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच की गई है।
ये हुए निलंबित
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) रतन कुमार दास, सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) राजेश कुमार रंजन तथा आरक्षी संख्या-913 मनोज कुमार शामिल हैं। पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि पूरे मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला
गौरतलब है कि शनिवार देर रात बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुए खूनी हमले में करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान सोमवार शाम टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में उनकी मौत हो गई। वहीं, इस हमले में गंभीर रूप से घायल प्रत्युष सिंह का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है।
लोगों में भारी आक्रोश
हिमांशु की मौत के बाद परिजन, करणी सेना और क्षत्रिय समाज के लोग आक्रोशित हो उठे। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बिष्टुपुर थाना का घेराव किया और बाद में रीगल गोलचक्कर पर सड़क जाम कर दिया। लोगों का आरोप था कि पूरी वारदात पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन पुलिस ने हमलावरों को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आक्रोशित लोगों ने सिटी एसपी ललित मीणा की सरकारी गाड़ी पर हमला कर दिया, जिससे वाहन के पीछे का शीशा टूट गया। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।
निलंबन के बावजूद लोगों में आक्रोश, बिष्टुपुर सड़क जाम
हालांकि, तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन के बावजूद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। समाचार लिखे जाने तक करीब तीन घंटे बीत जाने के बाद भी बिष्टुपुर में सड़क जाम जारी था और बड़ी संख्या में लोग मौके पर डटे हुए थे। प्रदर्शनकारी सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों और परिजनों से वार्ता कर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास कर रहे हैं।