Pune Rape Murder Case: महाराष्ट्र के पुणे जिले में चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने दोषी भीमराव कांबले को मृत्युदंड की सजा सुनाई है. अदालत ने इस अपराध को दुर्लभतम मामलों में शामिल मानते हुए कहा कि दोषी के लिए कानून के तहत सबसे कठोर दंड ही उपयुक्त है. मामले में सुनवाई तेज गति से पूरी हुई और करीब दो महीने के भीतर फैसला आ गया.
हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो की धाराओं में दोषी करार
विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश एसआर सालुंके ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि यह अपराध समाज की संवेदनाओं को गहराई से प्रभावित करने वाला है. अदालत ने भीमराव कांबले को हत्या, दुष्कर्म और बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया. फैसला सुनाए जाने के समय पीड़िता के परिजन अदालत में मौजूद थे और निर्णय के बाद भावुक हो गए.
मई में हुई थी वारदात, जांच में मिले अहम साक्ष्य
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना मई महीने में पुणे जिले के भोर तालुका के नसरपुर इलाके में हुई थी. आरोप है कि आरोपी बच्ची को उसके घर के सामने से अपने साथ ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी. बाद में पुलिस ने बच्ची का शव एक गौशाला के पास से बरामद किया. जांच के दौरान इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य पुलिस के लिए अहम साबित हुए, जिसके आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया.
हाई कोर्ट की पुष्टि के बाद लागू होगी सजा
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने अदालत से दोषी को कठोरतम दंड देने की मांग करते हुए मामले को दुर्लभतम श्रेणी का अपराध बताया. अदालत ने सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद मृत्युदंड का आदेश सुनाया. भारतीय कानून के अनुसार, फांसी की सजा पर अंतिम अमल से पहले संबंधित उच्च न्यायालय की पुष्टि आवश्यक होती है. अब यह मामला आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उच्च न्यायालय के समक्ष जाएगा.