Palamu News: आपातकाल लागू होने के 51 वर्ष पूरे होने पर भाजपा ने पलामू में संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम आयोजित कर कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला. स्थानीय दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को देश में आपातकाल लागू कर कांग्रेस ने लोकतंत्र और संविधान की निर्मम हत्या की थी. आज वही कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ के लिए संविधान बचाने की बात कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा काला अध्याय है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता. उस दौर में लोकतंत्र में आस्था रखने वाले हजारों राष्ट्रभक्तों पर मीसा (MISA) लगाकर उन्हें जेल भेजा गया और अमानवीय यातनाएं दी गईं. यही कारण है कि देश की जनता ने कांग्रेस को लगातार नकारने का काम किया है.
मोदी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं
आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पिछले 12 वर्षों से सेवा, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति कर रही है. सरकार की योजनाओं का लाभ गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं तक पहुंच रहा है. उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना और भारत को विकसित राष्ट्र बनाना केंद्र सरकार का प्रमुख लक्ष्य है.
नामधारी बोले- व्यक्तिगत स्वार्थ से देश को हमेशा नुकसान
झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि आपातकाल लगाकर संविधान और लोकतंत्र का गला घोंटा गया, जिसका परिणाम बाद में उसी सत्ता को भुगतना पड़ा. उन्होंने कहा कि जनसेवा ही राजनीति का मूल उद्देश्य होना चाहिए, जबकि व्यक्तिगत स्वार्थ हमेशा देश और समाज के लिए नुकसानदायक साबित होता है.
वीडी राम ने याद दिलाया आपातकाल का दौर
पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि आपातकाल के दौरान बिना किसी ठोस कारण के निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिया गया था. उस समय लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को गंभीर आघात पहुंचा था. उन्होंने कहा कि जनता ने अंततः लोकतांत्रिक तरीके से उस निरंकुश शासन को सत्ता से बाहर कर दिया.
गणेश मिश्र ने कहा- आज भी नहीं भरी आपातकाल की पीड़ा
भाजपा प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र और संविधान पर सबसे बड़ा हमला था. इसकी पीड़ा आज भी देशवासियों के मन में बनी हुई है.
कार्यक्रम के दौरान मीसा कानून के तहत जेल जा चुके वरिष्ठ कार्यकर्ताओं तारकेश्वर आजाद, रवि शंकर पांडे समेत अन्य लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान जेल में बिताए दिनों और झेली गई यातनाओं के अपने अनुभव साझा किए.
जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने की, जबकि मंच संचालन विजय ठाकुर ने किया. अंत में अजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.
बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में मनोज सिंह, शशि भूषण भगत, शशि भूषण कुशवाहा, अरुण शंकर, कमलेश सिंह, श्याम नारायण दुबे, प्रेम सिंह, विपिन बिहारी सिंह, पुष्पा देवी, मनोज भुइया, विजयआनंद पाठक, नरेंद्र पांडे, प्रो. के.के. मिश्रा, प्रमोद बिहारी शुक्ला, सिद्धेश्वर सिंह, सतनारायण प्रसाद, ज्योति गोयल, शंकर साहू, दिवाकर नारायण पांडे, शिवकुमार मिश्र, अरविंद सिंह, सुनील पासवान, अनीता देवी, मुन्ना चंद्रवंशी, अजय तिवारी, लवली गुप्ता, रूपा सिंह, विजय ओझा, सरवन गुप्ता, राजहंस अग्रवाल, शुभम प्रसाद, श्वेताग गर्ग, रविंद्र सिंह, कामेश्वर कुशवाहा, ईश्वरी पांडे, सुनील तिवारी, अरविंद गुप्ता, संजय कुमार, भोला पांडे, शशि भूषण पांडे, बी.पी. शुक्ला, रीना किशोर सहित सैकड़ों भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.