Ranchi News : झारखंड पहली बार देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप की मेजबानी करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। बैठक में टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, सुरक्षा व्यवस्था, खिलाड़ियों की सुविधाओं और अन्य आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
26 जुलाई से शुरू होने की संभावना, तैयारियों की दी जानकारी
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मेजर जनरल सज्जन सिंह मान और डूरंड कप के नोडल ऑफिसर कर्नल हेमचंद्रा ने आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि टूर्नामेंट के 26 जुलाई से शुरू होने की संभावना है। इसके लिए राज्य सरकार, भारतीय सेना, खेल विभाग, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जा सकें।
बैठक में स्टेडियमों की तैयारियों, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था, सुरक्षा, परिवहन, चिकित्सा सुविधाओं और दर्शकों के लिए आवश्यक इंतजामों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि सभी तैयारियां तय समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी।
झारखंड के लिए गर्व का अवसर :- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि डूरंड कप जैसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी मिलना झारखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस आयोजन को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देगी। उनके अनुसार, इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से झारखंड की पहचान पूरे देश में मजबूत होगी और राज्य में खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को बेहतर मंच और उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं का अवसर मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि डूरंड कप का आयोजन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा।
समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, टीम प्रबंधन, अधिकारियों और दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, चिकित्सा सहायता और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि टूर्नामेंट का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
बैठक में खेल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू भी मौजूद रहे। उन्होंने भी खेल विभाग की ओर से सभी आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया और कहा कि राज्य सरकार डूरंड कप के सफल आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राज्य के फुटबॉल को मिलेगा नया आयाम
डूरंड कप की मेजबानी मिलने से झारखंड के फुटबॉल खिलाड़ियों को देश के शीर्ष क्लबों और खिलाड़ियों का खेल करीब से देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस आयोजन से राज्य में फुटबॉल के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ेगी, खेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और झारखंड राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक प्रभावशाली तरीके से उभरेगा।