Gumla News: झारखंड के गुमला जिले में सांप के डंसने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। दोनों घटनाएं बुधवार रात की हैं और दोनों ही मामलों में पीड़ित जमीन पर सो रहे थे। परिजनों के अनुसार, सांप काटने के बाद समय पर उचित इलाज नहीं मिलने से उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। घटनाओं के बाद संबंधित गांवों में शोक का माहौल है।
झाड़-फूंक के भरोसे रही जान, युवक की मौत
पहली घटना पालकोट थाना क्षेत्र के देवगांव करंजटोली की है। यहां 18 वर्षीय माइकल तिर्की बुधवार रात भोजन करने के बाद घर में जमीन पर सोया हुआ था। देर रात उसे जहरीले सांप ने डंस लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने लगे। हालत गंभीर होने पर गुरुवार सुबह उसे सदर अस्पताल गुमला लाया गया, जहां चिकित्सक डॉ. असीम अगस्टिन मिंज ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इलाज के दौरान महिला ने तोड़ा दम
दूसरी घटना मधुबन कसीरा टोला की है। 46 वर्षीय दसरी देवी बुधवार रात भोजन के बाद जमीन पर बिस्तर लगाकर सोई थीं। रात करीब 12 से 1 बजे के बीच उन्हें भी जहरीले सांप ने डंस लिया। घटना के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला लेकर पहुंचे, जहां सुबह उपचार शुरू किया गया, लेकिन उनकी हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
मानसून में बढ़ा सांपों का खतरा
मानसून के दौरान झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। बारिश के कारण बिलों में पानी भर जाने से सांप अक्सर घरों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर निकल आते हैं। ऐसे में जमीन पर सोने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।
अंधविश्वास छोड़ें, तुरंत अस्पताल जाएं
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर एंटी-वेनम और चिकित्सकीय उपचार मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही लोगों को घर के आसपास साफ-सफाई रखने और मानसून में जमीन पर सोने से बचने की सलाह दी गई है।