Jamhsedpur: जमशेदपुर में लगभग एक करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े चर्चित मामले में सचिदानंद प्रसाद और सुरेश प्रसाद को अदालत से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी सचिदानंद प्रसाद और सुरेश प्रसाद द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को दूसरी बार अस्वीकार कर दिया है। अदालत का यह फैसला मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सुरक्षित रखे गए आदेश के आधार पर सुनाया गया। यह मामला मानगो स्थित एनएच डिमना-पारडीह रोड पर संचालित एलीट हॉस्पिटल, जिसे वर्तमान में स्पंद हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता है, से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि अस्पताल के पूर्व निदेशकों द्वारा शहर के प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार गुप्ता के साथ करीब एक करोड़ रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी की गई थी।
गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
मामले की जांच के बाद उलीडीह थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक न्यास भंग) तथा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय करते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की जांच में जुटाए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। अग्रिम जमानत याचिका पर विस्तृत सुनवाई 22 जून 2026 को पूरी हुई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 24 जून को अदालत ने आदेश जारी करते हुए दोनों आरोपियों की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
दोनों पक्षों ने रखे अपने-अपने तर्क
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार सिन्हा और अधिवक्ता श्वेता सिन्हा ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। वहीं आरोपियों की ओर से अधिवक्ता के.एम. सिंह ने जमानत के समर्थन में दलीलें प्रस्तुत कीं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर फैसला सुनाया। अदालती सूत्रों के अनुसार मामले की प्रकृति, आरोपों की गंभीरता तथा जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए न्यायालय ने इस चरण में आरोपियों को अग्रिम जमानत का लाभ देना उचित नहीं माना। यही कारण है कि दूसरी बार दायर याचिका भी खारिज कर दी गई।