Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथियों का बढ़ता आतंक लोगों के लिए लगातार जानलेवा साबित हो रहा है. मनोहरपुर प्रखंड के पात्थरबासा गांव में मंगलवार देर रात एक दंतैल हाथी के हमले में 48 वर्षीय दिलेश्वर जातराम की मौत हो गई. इस घटना के बाद जिले में वर्ष 2026 के दौरान हाथियों के हमलों में जान गंवाने वालों की संख्या 25 से अधिक पहुंच गई है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है.
अंधेरे में नहीं दिखा हाथी, कुछ ही पल में चली गई जान
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 2 बजे दिलेश्वर जातराम शौच के लिए अपने घर से बाहर निकले थे. घर के समीप ही एक दंतैल हाथी मौजूद था, लेकिन अंधेरा होने की वजह से उन्हें उसका आभास नहीं हो सका. जैसे ही वह हाथी के करीब पहुंचे, हाथी ने उन पर हमला कर दिया. दंतैल ने उन्हें सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई.
पत्नी ने देखा शव, वन विभाग और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हाथी के डर से परिवार के लोग रात में घर से बाहर नहीं निकल सके. सुबह करीब 3 बजे मृतक की पत्नी बाली जातराम बाहर निकलीं तो उन्होंने अपने पति को मृत अवस्था में पाया. इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और दिलेश्वर को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बाद में मनोहरपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर भेज दिया.
परिजनों को मिलेगी 10 लाख की सहायता, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
वनपाल अभय कुमार ने बताया कि सरकार की नई नीति के तहत मृतक के परिवार को तत्काल एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौ लाख रुपये की अतिरिक्त अनुग्रह राशि भी प्रदान की जाएगी. उन्होंने बताया कि यह दंतैल हाथी पिछले कई दिनों से पात्थरबासा के जंगलों और आसपास के इलाकों में घूम रहा है तथा रात के समय भोजन की तलाश में गांवों की ओर आ जाता है. वन विभाग ने लोगों से रात में बाहर निकलते समय टॉर्च या अन्य रोशनी का उपयोग करने और सतर्क रहने की अपील की है. वहीं ग्रामीणों ने लगातार हो रही घटनाओं को लेकर वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि हाथियों के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है, जिसके कारण लोगों की जान जा रही है.