Current News : झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री सीबू सोरेन को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन को प्रदान किया। इस अवसर पर बहू और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।
झारखंड आंदोलन में योगदान का मिला सम्मान
सीबू सोरेन को सार्वजनिक जीवन, आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से मरणोपरांत सम्मानित किया गया। उनके नेतृत्व ने झारखंड आंदोलन को नई दिशा दी और आदिवासी समाज की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
परिवार ने ग्रहण किया सम्मान
शुरुआत में चर्चा थी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता की ओर से यह सम्मान ग्रहण करेंगे। हालांकि बाद में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन ग्रहण करेंगी। समारोह में उनके साथ बहू और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुई थी घोषणा
केंद्र सरकार ने 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सीबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण देने की घोषणा की थी। उनके निधन के बाद यह सम्मान उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, सामाजिक संघर्ष और राजनीतिक योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना के रूप में देखा जा रहा है।
सीबू सोरेन को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने को झारखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। झामुमो कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राज्य के विभिन्न वर्गों ने इसे झारखंड आंदोलन तथा आदिवासी अस्मिता के लंबे संघर्ष का सम्मान बताया है।