Jharkhand: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की शिक्षा और रोजगार नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं और युवाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसर देश के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पिछले एक दशक के दौरान देशभर में बड़ी संख्या में प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षाओं में गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं। उनका कहना था कि बार-बार परीक्षाएं रद्द होने या दोबारा आयोजित किए जाने से लाखों छात्रों की मेहनत और समय प्रभावित हुआ है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में अव्यवस्था का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने कहा कि कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने से अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हुआ है। उनका आरोप था कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े विवादों का सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें लंबे समय तक अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। कांग्रेस ने कहा कि परीक्षा संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए कानून बनाए जाने के बावजूद प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा अनियमितताओं की घटनाएं रुकती नजर नहीं आ रही हैं। नेताओं का कहना था कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन की भी आवश्यकता है।
खाली पदों को लेकर सरकार पर निशाना
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही। उनका कहना था कि रोजगार की तलाश कर रहे लाखों युवाओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी बड़ी संख्या में युवा रोजगार हासिल नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी का सबसे अधिक प्रभाव पढ़े-लिखे युवाओं पर पड़ रहा है, जिससे उनमें निराशा बढ़ रही है।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर जताई चिंता
प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने छात्रों में बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं को भी गंभीर विषय बताया। उनका कहना था कि परीक्षा संबंधी अनिश्चितता, रोजगार की कमी और भविष्य को लेकर चिंता युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। प्रदेश कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है। पार्टी ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और शिक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की मांग भी की।