Tata Steel Wage Revision: टाटा स्टील में वेतन संशोधन समझौते को लेकर कर्मचारियों के बीच असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। लंबे समय से लंबित पड़े वेज रिवीजन को लेकर कई कर्मचारियों ने यूनियन नेतृत्व के प्रति नाराजगी जताई है। विशेष रूप से एनएस ग्रेड के कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों को समझौते में शामिल नहीं किया जाता है, तो प्रतिनिधित्व करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। सूत्रों के अनुसार, वेज रिवीजन को लेकर बढ़ती नाराजगी के बीच कई कमेटी मेंबरों ने अपने पद से इस्तीफा यूनियन को सौंप दिया है। उनका मानना है कि कर्मचारियों की अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम नहीं मिलने से उनके ऊपर भी सवाल उठ रहे हैं।
डब्ल्यूआरएम में शुरू हुई डिजिटल मुहिम
वायर रॉड मिल (डब्ल्यूआरएम) के कर्मचारियों ने भी वेतन समझौते में हो रही देरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन कमेटी मेंबर रणवीर सिंह की अगुवाई में कर्मचारियों ने ऑनलाइन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत एक गूगल फॉर्म के माध्यम से कर्मचारियों का समर्थन और डिजिटल हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं। अभियान को धीरे-धीरे कर्मचारियों का समर्थन मिल रहा है। अब तक दर्जनों कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से अपनी सहमति दर्ज करा चुके हैं। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि वेज रिवीजन में हो रही देरी कर्मचारियों के बीच असमंजस और चिंता का कारण बन रही है।
समझौते में बेहतर लाभ की मांग
अभियान से जुड़े कर्मचारियों ने मांग की है कि लगभग डेढ़ वर्ष से लंबित वेतन समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जाए। उनका कहना है कि कर्मचारियों को सम्मानजनक मिनिमम गारंटीड बेनिफिट (एमजीबी), बेहतर भत्ते और डीए प्रति प्वाइंट की उचित दर सुनिश्चित की जानी चाहिए। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि एनएस ग्रेड में कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य और करियर प्रगति को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से न्यायसंगत व्यवस्था की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि इस वर्ग के कर्मचारियों की समस्याओं को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
यूनियन को दी चेतावनी
अभियान में शामिल कर्मचारियों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही और आगामी समझौता कर्मचारियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा, तो यूनियन के खिलाफ बड़ा कदम उठाया जा सकता है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मानजनक समझौते की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। फिलहाल सभी की नजरें टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच चल रही वार्ताओं पर टिकी हुई हैं। कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही ऐसा समाधान निकलेगा, जिससे लंबित वेज रिवीजन का रास्ता साफ हो सके और कर्मचारियों की चिंताओं का अंत हो।