National News: मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़े अभियान के तहत कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार कई राज्यों तक जुड़े होने की जांच की जा रही है. एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क कथित रूप से विदेशी संपर्कों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था. मामले में अब तक 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
मधुबनी से कथित सरगना गिरफ्तार
ATS की जांच में सामने आया है कि नेटवर्क का कथित मुख्य संचालक इजहार उल हक बताया जा रहा है, जिसे बिहार के मधुबनी से पकड़ा गया है. पूछताछ के आधार पर जांच एजेंसियों ने कुछ अन्य संदिग्धों की पहचान भी की है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी जांच से जुड़ गई है. अब दोनों एजेंसियां नेटवर्क के संपर्कों, गतिविधियों और संभावित साजिश के पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं.
डिजिटल सबूतों की जांच में जुटी एजेंसियां
जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, इंटरनेट गतिविधियों, लोकेशन डेटा, आईपी एड्रेस और सोशल मीडिया नेटवर्क की जांच कर रही हैं. अधिकारियों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से नेटवर्क के संचालन, संपर्क सूत्रों और संभावित आर्थिक मदद से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है.
ATS ने सहारनपुर से गिरफ्तार एक आरोपी को उसके ठिकाने पर ले जाकर जांच से जुड़े साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई भी की है. इस दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच की गई है.
राजस्थान से गिरफ्तार आरोपी की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच एजेंसियों की नजर राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार मोहम्मद शाकिर मेव की भूमिका पर भी है. अधिकारियों के मुताबिक उसके संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है.
ATS ने सभी आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है. एजेंसियों को उम्मीद है कि इन उपकरणों से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं.
फिलहाल जांच जारी है और अधिकारी सभी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं. एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी.