Jamshedpur: टाटा स्टील के लंबित वेतन पुनरीक्षण समझौते को लेकर शनिवार को भी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच बातचीत का दौर जारी रहा। अवकाश होने के बावजूद दोनों पक्षों के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए और करीब ढाई घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में कंपनी की ओर से सीएचआरओ जुबिन पालिया मौजूद रहे, जबकि यूनियन का प्रतिनिधित्व अध्यक्ष संजीव चौधरी, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने किया। हाल के दिनों में हुई तीखी नोकझोंक के बाद इस बार की वार्ता अपेक्षाकृत शांत वातावरण में संपन्न हुई। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष अब किसी निष्कर्ष तक पहुंचने के प्रयास में हैं। प्रबंधन और यूनियन दोनों ने अपने-अपने रुख में कुछ नरमी दिखाई है, जिससे समझौते की संभावनाएं पहले से अधिक मजबूत मानी जा रही हैं।
सात वर्ष की अवधि पर लगभग बनी सहमति
चर्चा के दौरान समझौते की अवधि को लेकर काफी हद तक सहमति बनती दिखाई दी। जानकारी के मुताबिक, वेज रिवीजन का कार्यकाल सात वर्ष रखने पर दोनों पक्ष सकारात्मक हैं। हालांकि कुछ तकनीकी बिंदुओं पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। बैठक में कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों पर भी चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि भत्तों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी पर सहमति बन चुकी है और कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है। हालांकि अंतिम आंकड़ों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
महंगाई भत्ता बना प्रमुख अड़चन
वार्ता के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा महंगाई भत्ते (डीए) की गणना को लेकर हुई। विशेष रूप से प्रति प्वाइंट डीए वृद्धि के मुद्दे पर अभी भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं। प्रबंधन का तर्क है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को देखते हुए डीए में अतिरिक्त वृद्धि संभव नहीं है। बैठक में एनएस ग्रेड कर्मचारियों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। लंबे समय से एक ही ग्रेड में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। साथ ही उनके प्रमोशन और करियर प्रगति से जुड़े मुद्दों पर भी सहमति बनने की जानकारी सामने आई है।
ओल्ड सीरीज और एनएस ग्रेड के लिए अलग फार्मूला संभव
सूत्रों के अनुसार, वेतन पुनरीक्षण समझौते में ओल्ड सीरीज और एनएस ग्रेड कर्मचारियों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए जा सकते हैं। दोनों श्रेणियों की जरूरतों और संरचना को ध्यान में रखते हुए अलग मॉडल पर काम किया जा रहा है। हालांकि कई मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है, लेकिन समझौते की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों में शेष बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद वेज रिवीजन को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।