Rajya Sabha MP: झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों पर जीत दर्ज करने वाले बैद्यनाथ राम और परिमल नाथवानी अब संसद के उच्च सदन के सदस्य बन गए हैं. सांसद बनने के साथ ही उन्हें वे सभी संवैधानिक सुविधाएं मिलेंगी, जो राज्यसभा सदस्यों को दी जाती हैं. इसमें वेतन, भत्ते, सरकारी आवास, यात्रा सुविधा, इलाज और पेंशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
सांसदों को मिलता है लाखों रुपये का वेतन और भत्ता
राज्यसभा सांसद को हर महीने 1.24 लाख रुपये वेतन मिलता है. इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और कार्यालय खर्च के लिए मिलने वाली राशि को जोड़कर कुल मासिक लाभ 2.54 लाख रुपये से अधिक हो जाता है. संसद सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में शामिल होने पर दैनिक भत्ता भी दिया जाता है.
दिल्ली में सरकारी आवास और दूसरी सुविधाएं
सांसद बनने के बाद उन्हें दिल्ली में सरकार की ओर से आवास उपलब्ध कराया जाता है. इसके अलावा तय नियमों के अनुसार बिजली, पानी, टेलीफोन और अन्य जरूरी सुविधाएं भी मिलती हैं.
देशभर में यात्रा की सुविधा
राज्यसभा सांसदों को सरकारी कामकाज के लिए यात्रा में विशेष सुविधाएं मिलती हैं. उन्हें हवाई यात्रा और रेल यात्रा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. कई परिस्थितियों में परिवार के सदस्य भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं.
सांसद और परिवार को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
सांसदों और उनके आश्रितों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत इलाज की सुविधा मिलती है. जरूरत पड़ने पर अधिकृत अस्पतालों में भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.
कार्यकाल खत्म होने के बाद भी मिलता है लाभ
सांसद का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें पूर्व सांसद के तौर पर पेंशन की सुविधा मिलती है. लंबे समय तक सांसद रहने पर पेंशन राशि में भी बदलाव होता है.
संसद में बड़ी जिम्मेदारी के साथ विशेष अधिकार
राज्यसभा सांसदों को सदन में अपनी बात रखने की स्वतंत्रता और संसदीय समितियों में भाग लेने का अधिकार मिलता है. वे देश की नीतियों और कानून बनाने की प्रक्रिया में सीधी भूमिका निभाते हैं. झारखंड से राज्यसभा पहुंचे दोनों नेताओं के लिए यह सिर्फ राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि राज्य के लोगों की उम्मीदों को संसद तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी है.