Ranchi News: विश्व सिकल सेल दिवस के मौके पर शुक्रवार को सदर अस्पताल रांची में सिकल सेल एनीमिया को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान चिकित्सकों ने लोगों को बीमारी के लक्षण, जांच और बचाव के उपायों की जानकारी दी.
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार सिन्हा, डॉ. राहुल किशोर सिंह, डॉ. पंकज और हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक रंजन समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया आनुवंशिक बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से इसके गंभीर प्रभावों को कम किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इसकी जांच की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है. गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच में भी सिकल सेल स्क्रीनिंग को शामिल किया गया है.
हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक रंजन ने बताया कि झारखंड में करीब 8 से 10 प्रतिशत लोगों में सिकल सेल जीन पाया जाता है, जबकि 1 से 2 प्रतिशत लोग इससे प्रभावित हैं. बीमारी से पीड़ित मरीजों में तेज दर्द, खून की कमी, बुखार और संक्रमण जैसी परेशानियां हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि समय पर इलाज, नियमित जांच और टीकाकरण से मरीजों की स्थिति बेहतर हो सकती है.
डॉ. राहुल किशोर सिंह ने बताया कि अगर माता और पिता दोनों में सिकल सेल ट्रेट मौजूद हो, तो बच्चे में बीमारी होने की संभावना 25 प्रतिशत तक रहती है. वहीं डॉ. प्रमोद कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि राज्य में जल्द ही विशेष सर्वे अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष और 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की निःशुल्क जांच की जाएगी.
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बीमारी को लेकर जागरूक रहें और समय पर जांच कराएं, ताकि सिकल सेल एनीमिया के प्रभाव को कम किया जा सके.