BREAKING: झारखंड सरकार ने लंबे समय से विवादों में रही JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला ले लिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को मंत्रियों के साथ बैठक के बाद इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि TDPL के जरिए साल 2014 से आयोजित सभी परीक्षाएं और उनके प्रकाशित परिणाम रद्द किए जाएंगे.
नई परीक्षा व्यवस्था के लिए बनेगी कमेटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जाएगी. यह कमेटी भविष्य में भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और बिना गड़बड़ी के कराने के लिए नए नियम और प्रक्रिया तय करेगी.
पहले ही रद्द हो चुकी हैं ये परीक्षाएं
सरकार इससे पहले 14वीं JPSC परीक्षा और दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला कर चुकी है. ये निर्णय JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को देखते हुए लिए गए थे. मुख्यमंत्री के ताजा फैसले के बाद छात्रों की लगभग सभी प्रमुख मांगें मान ली गई हैं.
हालांकि, CBI जांच की मांग पर अभी सरकार ने सहमति नहीं दी है.
JSSC-CGL परीक्षा का पूरा मामला
JSSC-CGL 2023 परीक्षा कुल 2025 पदों के लिए आयोजित की गई थी. यह परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को हुई थी. करीब एक साल बाद 8 दिसंबर 2025 को इसका परिणाम जारी किया गया. उस समय JSSC के चेयरमैन पूर्व डीजीपी नीरज सिन्हा थे.
पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद छात्रों के विरोध के बीच उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 30 दिसंबर 2025 को सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी बांटे गए थे.
अभय तिवारी के बयान से बढ़ा विवाद
छात्र शुरुआत से ही JSSC-CGL परीक्षा में पेपर लीक और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते रहे हैं. JPSC नियुक्ति विवाद के दौरान आंदोलन तेज हुआ.
इसी दौरान गिरफ्तार हुए अभय तिवारी के स्वीकारोक्ति बयान में यह दावा सामने आया कि JSSC-CGL परीक्षा में भी व्यापक धांधली हुई थी. इसके बाद परीक्षा रद्द करने की मांग और तेज हो गई.
छात्रों की मांग क्या थी?
आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगें थीं-
JSSC-CGL परीक्षा रद्द की जाए. TDPL के जरिए आयोजित सभी भर्ती परीक्षाएं निरस्त हों. पूरे मामले की जांच CBI से कराई जाए. सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई कई दौर की वार्ता में अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई थी.लेकिन CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी थी.
वार्ता से पहले आया बड़ा फैसला
सोमवार को छात्रों के साथ सरकार की वार्ता दोपहर 2:30 बजे तय थी.इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रियों की बैठक बुलाई. बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने TDPL की सभी परीक्षाएं और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला घोषित कर दिया.