West Bengal: पश्चिम बंगाल की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र गुरुवार यानी आज से शुरू रहा है। नई सरकार के गठन के बाद होने वाला यह सत्र काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं, नीतियों और आगामी योजनाओं का व्यापक ब्लूप्रिंट देश के सामने रखेगी। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसे नई सरकार का नीति दस्तावेज माना जाता है।
राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत
विधानसभा सत्र की औपचारिक शुरुआत गुरुवार को सुबह 11 बजे राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण के साथ होगी। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि राज्यपाल अपने संबोधन में विकास योजनाओं, आर्थिक रणनीति और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को किस तरह पेश करते हैं। अभिभाषण के बाद सदन में धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा, जिस पर आगामी दिनों में चर्चा होगी।
दिवंगत नेताओं को दी जाएगी श्रद्धांजलि
सत्र के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को दिवंगत जनप्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। संसदीय परंपरा के अनुसार, सदन में शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद दिनभर के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया जाएगा। इस दौरान सभी सदस्य दिवंगत व्यक्तित्वों के योगदान को याद करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
वित्त मंत्री पेश करेंगे पहला पूर्ण बजट
साप्ताहिक अवकाश के बाद 22 जून को विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी। इस दिन राज्य के नवनियुक्त वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता नई सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करेंगे। यह बजट राज्य की आर्थिक दिशा को स्पष्ट करेगा, जिसमें उद्योग, कृषि, रोजगार, आधारभूत संरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों के आवंटन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नीतियों और योजनाओं पर होगी तीखी बहस
23 और 24 जून को राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा आयोजित की जाएगी। दोनों दिन लगभग पांच-पांच घंटे तक बहस चलने का कार्यक्रम तय हुआ है। इस दौरान सत्तारूढ़ दल जहां अपनी भावी योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखेगा, वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठा सकता है।
बजटीय मांगों पर चर्चा और अगला चरण
25 जून को विभिन्न विभागों की व्यय मांगों पर चर्चा की जाएगी, जहां विभागवार बजटीय आवंटन और खर्चों को लेकर सदन में विस्तृत विचार-विमर्श होगा। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। इस बजट सत्र का दूसरा चरण 6 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें बाकी बचे विधायी और वित्तीय कार्यों को पूरा किया जाएगा।