Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े एक अहम मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने फिलहाल किसी तरह का हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. अदालत ने नेता प्रतिपक्ष पद को लेकर दायर याचिका पर तत्काल रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की. ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष का फैसला अभी प्रभावी रहेगा और ऋतब्रत बनर्जी अपने पद पर बने रहेंगे.
शुरुआती चरण में अदालत ने रोक लगाने से किया साफ इनकार
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ के सामने अंतरिम आदेश जारी करने की मांग रखी गई थी. हालांकि अदालत ने कहा कि इस स्तर पर किसी त्वरित हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है. इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को यथावत रहने दिया गया. अब अंतिम फैसला आने तक मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा.
दोनों पक्षों से मांगा गया विस्तृत जवाब
हाई कोर्ट ने मामले से जुड़े पक्षों को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत का कहना है कि सभी कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं की विस्तार से समीक्षा करने के बाद ही आगे की सुनवाई में कोई फैसला लिया जाएगा. अगली तारीख पर दोनों पक्ष अपने तर्क और दस्तावेज अदालत के सामने पेश करेंगे.
मामले पर बढ़ी राजनीतिक हलचल, अगली सुनवाई पर टिकी नजर
नेता प्रतिपक्ष के पद से जुड़ा यह विवाद राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है. अदालत से अंतरिम राहत नहीं मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि आगे की सुनवाई इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है. फिलहाल सभी की निगाहें हाई कोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उसके बाद ही इस विवाद की तस्वीर और साफ हो पाएगी.