Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार आज, 18 जून को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की विनायक प्रद्युम्न चतुर्थी तिथि है। यह दिन भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना और भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति बप्पा की आराधना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख, समृद्धि और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आज संवत् 2083, गुरुवार का दिन है। शुक्ल चतुर्थी तिथि सायं 06:58 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी।
ग्रह-नक्षत्र और चंद्रमा की विशेष स्थिति
आज सूर्य देव मिथुन राशि में तथा चंद्र देव कर्क राशि में विराजमान हैं। चंद्रमा दोपहर 11:32 बजे तक पुष्य नक्षत्र में रहेंगे, जिसके बाद अश्लेषा नक्षत्र का आरंभ होगा। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं और इसके देवता देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं। यह नक्षत्र पोषण, सेवा, धैर्य, आध्यात्मिकता और परोपकार का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः शांत, न्यायप्रिय, परिश्रमी और समाजहित में कार्य करने वाले होते हैं।
आज के शुभ मुहूर्त और मांगलिक समय
शुभ कार्यों के लिए आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:54 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत काल प्रातः 05:41 बजे से 07:09 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्योदय प्रातः 05:23 बजे और सूर्यास्त सायं 07:21 बजे होगा। चंद्रोदय प्रातः 08:44 बजे तथा चंद्रास्त रात्रि 10:28 बजे होगा। व्याघात योग सायं 05:35 बजे तक रहेगा, इसके बाद हर्षण योग प्रारंभ होगा।
अशुभ समय और विशेष सावधानियां
आज राहुकाल दोपहर 02:07 बजे से सायं 03:52 बजे तक रहेगा, इसलिए इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्यों से बचना शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त गुलिकाल प्रातः 08:53 बजे से 10:38 बजे तक तथा यमगण्ड प्रातः 05:23 बजे से 07:08 बजे तक रहेगा। वणिज करण प्रातः 08:13 बजे तक रहेगा, इसके बाद विष्टि (भद्रा) करण सायं 06:58 बजे तक प्रभावी रहेगा। ऐसे में शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना अधिक लाभकारी माना जाएगा।