Mumbai News : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में जाने की अटकलों ने सियासी माहौल गरमा दिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी के 6 से 7 सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की चर्चा है, हालांकि अभी तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है।
दिल्ली में बैठकों के बाद बढ़ी अटकलें
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में दिल्ली में हुई बैठकों और कुछ सांसदों की अनुपस्थिति के बाद अटकलों को और बल मिला है। बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे ने भी स्थिति की समीक्षा के लिए अपने सांसदों की बैठक बुलाई। वहीं, शिंदे गुट के नेताओं की गतिविधियों पर भी राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
संजय राउत का बड़ा आरोप, अभी तक नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि पार्टी के सांसदों को दल बदलने के लिए बड़े पैमाने पर धन और पद का लालच दिया जा रहा है। उन्होंने इसे "ऑपरेशन टाइगर" करार देते हुए दावा किया कि सांसदों को करोड़ों रुपये का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दूसरी ओर से इन दावों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
अब तक किसी भी सांसद के पार्टी छोड़ने या नए गुट के गठन की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं और सभी की नजर उद्धव ठाकरे तथा एकनाथ शिंदे खेमे की अगली रणनीति पर टिकी है। यदि बड़ी संख्या में सांसद पाला बदलते हैं, तो इसका असर महाराष्ट्र की राजनीति और संसद में दोनों गुटों की ताकत पर पड़ सकता है। फिलहाल पूरा घटनाक्रम अटकलों और राजनीतिक दावों के बीच है तथा आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।