Seraikela: नशा मुक्त झारखंड अभियान के तहत सोमवार को सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड स्थित टीटीडीह गांव में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति, सरायकेला-खरसावां की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया। राज्य सरकार के निर्देश पर निषिद्ध मादक पदार्थों के खिलाफ 10 जून से 26 जून 2026 तक राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 26 मई से 26 जून तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत टीटीडीह में नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
नाटक के माध्यम से बताए गए नशे के दुष्परिणाम
कार्यक्रम में कलाकारों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान को दर्शाया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशा व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नाट्य प्रस्तुति के दौरान लोगों को बताया गया कि नशे की लत से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर बीमारियां, पारिवारिक कलह, आर्थिक परेशानियां और सामाजिक विघटन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। साथ ही स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रहे हैं जागरूकता कार्यक्रम
जिला स्वास्थ्य समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, विद्यालय आधारित गतिविधियां और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें मादक पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों से नशा मुक्त झारखंड अभियान के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की गई। लोगों से कहा गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
स्वस्थ समाज के लिए जनभागीदारी जरूरी
अधिकारियों ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी भी आवश्यक है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस अभियान से जुड़कर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।