Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-06-15

Bokaro News: बोकारो के फुलवारी टोला में जहरीला फल खाने से नौ बच्चों की तबीयत बिगड़ी, दो की हालत गंभीर

Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले में रविवार को एक चिंताजनक घटना सामने आई, जहां चंद्रपुरा प्रखंड के भंडारीडीह पंचायत के फुलवारी टोला में एक ही परिवार के नौ बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. बताया जा रहा है कि सभी बच्चों ने खेलते समय अनजाने में किसी अज्ञात जंगली फल का सेवन कर लिया था. इसके बाद बच्चों को उल्टी, चक्कर औबेचैनी की शिकायत होने लगी, जिससे परिजनों के बीच अफरा तफरी मच गई.
गांव के बगीचे में खेल रहे थे बच्चे, कुछ देर बाद एक एक कर बिगड़ने लगी तबीयत
जानकारी के अनुसार, बच्चे घर के नजदीक स्थित एक बगीचे में खेल रहे थे. इसी दौरान उन्होंने वहां लगे जंगली फल तोड़कर खा लिए. फल खाने के कुछ समय बाद ही सभी बच्चों की तबीयत खराब होने लगी. बच्चों की हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए और बिना देर किए सभी को इलाज के लिए फुसरो अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया.

चार से पंद्रह साल के बच्चों में फैली परेशानी, दो को भेजना पड़ा बोकारो सदर अस्पताल
अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर जितेंद्र के मुताबिक बीमार हुए बच्चों की उम्र चार वर्ष से पंद्रह वर्ष के बीच है. प्रभावित बच्चों में सारिका, संजीव, सिमरन, अंजली, नीतू, कृतिका, रोनित, भगीरथ और पंकज शामिल हैं. प्रारंभिक जांच के दौरान तीन बच्चों की स्थिति ज्यादा गंभीर पाई गई. इनमें से दो बच्चों की हालत चिंताजनक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए बोकारो सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.

सदर अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल, परिजनों ने जताई नाराजगी
घटना के बीच परिजनों ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की. उनका कहना है कि जब वे बच्चों को लेकर बोकारो सदर अस्पताल पहुंचे तो वहां पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं थे और विशेषज्ञ डॉक्टर भी मौजूद नहीं थे. परिजनों के मुताबिक अस्पताल कर्मियों ने उन्हें निजी अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी. इसके बाद मजबूरी में बच्चों को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है.

घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल, लोगों ने जागरूकता अभियान चलाने की मांग की
इस घटना के बाद फुलवारी टोला समेत आसपास के इलाके में चिंता और डर का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में जहरीले पेड़ पौधों और जंगली फलों को लेकर लोगों को जागरूक करने की जरूरत है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे पौधों की पहचान और उनसे होने वाले खतरों के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.


बोकारो में सामने आया यह मामला बच्चों की सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी से जुड़ा एक गंभीर संकेत माना जा रहा है. समय रहते बच्चों को अस्पताल पहुंचाने से स्थिति पर काबू पाया जा सका, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और जनजागरूकता दोनों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों का मानना है कि समय पर जागरूकता अभियान चलाकर ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !