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  • 2026-06-14

Seraikela News: ईचागढ़ में जाति दर्जीकरण विवाद पहुंचा केंद्र तक, ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री संजय सेठ को सौंपा ज्ञापन

Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड की देवलटांड़ पंचायत में जनगणना के दौरान जाति दर्जीकरण को लेकर चल रहा विवाद अब केंद्रीय स्तर तक पहुंच गया है. रविवार को ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी.


ग्रामीणों ने बताया कि जिन परिवारों के खतियान में उनकी जाति संथाल-मांझी दर्ज है और जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के तहत मिला है, उनकी जाति जनगणना में भी संथाल-मांझी के रूप में ही दर्ज की जानी चाहिए. उनका आरोप है कि जिला प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है.


संजय सेठ ने दिया कार्रवाई का भरोसा
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने मामले को गंभीर बताते हुए ग्रामीणों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राज्य स्तर के अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जब खतियान और अन्य सरकारी अभिलेखों में संबंधित परिवारों की जाति दर्ज है और उन्हें उसी आधार पर योजनाओं का लाभ मिला है, तो जनगणना में अलग स्थिति बनना चिंताजनक है. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा.

पहले भी नावाडीह गांव में हुआ था विवाद
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले देवलटांड़ पंचायत के नावाडीह गांव में जनगणना के दौरान जाति दर्जीकरण को लेकर विवाद सामने आया था. ग्रामीण अपनी जाति संथाल-मांझी दर्ज करने की मांग कर रहे थे, जबकि प्रशासन की ओर से जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात कही गई थी. विवाद के समाधान के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी भी गांव पहुंची थीं, लेकिन कोई सर्वसम्मत समाधान नहीं निकल सका.

उपायुक्त ने पहले ही स्पष्ट किया था प्रशासन का पक्ष
बाद में प्रखंड मुख्यालय के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया था कि जनगणना के दौरान जाति का निर्धारण प्रशासन नहीं करता. उन्होंने कहा था कि पहले से उपलब्ध अभिलेखों और अद्यतन रिकॉर्ड के आधार पर ही जानकारी दर्ज की जाती है. अब मामला केंद्रीय मंत्री तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों की उम्मीदें बढ़ गई हैं और सभी की नजर आगे होने वाले निर्णय पर टिकी है.

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