Giridih News : जिले के हिरोडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत बाराबाद के समीप शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। बिहार के राजगीर मेला से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। दुर्घटना में वाहन सवार सभी लोग घायल हो गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई और सभी सुरक्षित बच गए।
जानकारी के अनुसार कार में सवार सभी लोग गिरिडीह के छोटकी खरगडीहा क्षेत्र के निवासी हैं। वे राजगीर मेला में दर्शन और भ्रमण कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाराबाद के समीप पहुंचते ही वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार सड़क किनारे पलट गई।
लंबी यात्रा के दौरान चालक को आई झपकी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को आई नींद की झपकी बताई जा रही है। बताया जाता है कि चालक लंबे समय से लगातार वाहन चला रहा था। इसी दौरान उसे हल्की झपकी आ गई, जिससे वाहन पर उसका नियंत्रण खत्म हो गया और कार सड़क से उतरकर पलट गई।
हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में बैठे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कार पलटने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता, फंसे यात्रियों को निकाला बाहर
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और वाहन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों की तत्परता के कारण घायलों को तुरंत सहायता मिल सकी और किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया गया।
घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश लोगों को हल्की और सामान्य चोटें आई हैं तथा सभी की हालत स्थिर है।
पुलिस ने शुरू की जांच, लंबी यात्रा में सतर्कता जरूरी
घटना की सूचना मिलते ही हिरोडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क किनारे हटवाया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों से लंबी दूरी की यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम करने की अपील की है। उनका कहना है कि लगातार ड्राइविंग और थकान के कारण आने वाली झपकी कई बार बड़े हादसों की वजह बन जाती है।
हालांकि इस दुर्घटना में सभी श्रद्धालुओं की जान बच गई, जिससे उनके परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर मदद नहीं मिलती तो हादसा और गंभीर रूप ले सकता था।