Jamshedpur: जमशेदपुर के कदमा स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत के बाद शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। मृतका की पहचान सोनारी निवासी 40 वर्षीय अर्चना सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों के अनुसार अर्चना सिंह को गॉल ब्लैडर में पथरी की शिकायत थी। गुरुवार सुबह उन्हें ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि सर्जरी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले उन्हें बेहोशी की दवा दी गई, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई.
गंभीर हालत में दूसरे अस्पताल भेजा गया
परिवार का कहना है कि हालत बिगड़ने पर अस्पताल के चिकित्सक उन्हें तत्काल एंबुलेंस से टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले गए। वहां इलाज शुरू किया गया, लेकिन दोपहर के समय उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों और परिचितों में आक्रोश फैल गया। मृतका के परिजनों का कहना है कि अर्चना सिंह पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में अस्पताल पहुंची थीं और स्वयं चलकर भर्ती हुई थीं। ऐसे में ऑपरेशन से पहले उनकी हालत कैसे बिगड़ी, इसे लेकर परिवार सवाल उठा रहा है। परिजनों ने पूरे मामले की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
थाने में दी गई शिकायत
घटना को लेकर कदमा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम कराया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की जांच जारी है। वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से कहा गया है कि मरीज की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन प्रथम दृष्टया इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है। आईएमए का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।