Jamshedpur: अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर एक पीड़ित परिवार लंबे समय से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। पोटका प्रखंड की रहने वाली गौरी बारले अपने पुत्र कुमार बारले को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
विभाग के निर्देश पर जमा किए गए सभी दस्तावेज
परिवार का कहना है कि विभाग की ओर से समय-समय पर मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, शपथ पत्र और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े कागजात शामिल हैं। इसके बावजूद मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। मंगलवार को गौरी बारले अपने पुत्र और झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) कार्यालय पहुंचीं। परिवार का आरोप है कि मामले की जानकारी लेने के लिए पहुंचने पर कार्यालय में संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं मिले। इससे परिजनों में नाराजगी देखी गई।
झामुमो नेताओं ने भी उठाया मुद्दा
परिवार के समर्थन में झामुमो महिला जिला अध्यक्ष बारी मुर्मू, उज्वल दास, कुमार बास्के, संतोष हो और सूरज गौड़ भी जेएनएसी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के कारण परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानियों से गुजर रहा है। दस्तावेजों के अनुसार, संबंधित मामले पर जिला अनुकंपा समिति की बैठक में चर्चा भी हो चुकी है। हाल ही में जारी एक पत्र में अभ्यर्थी को मूल प्रमाण पत्रों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। विभागीय पत्राचार में यह भी उल्लेख है कि आवश्यक औपचारिकताओं की पूर्ति के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
जल्द निर्णय की मांग
कुमार बारले का कहना है कि विभाग द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज पहले ही जमा किए जा चुके हैं, लेकिन अब अधिकारी स्पष्ट जवाब देने से बच रहे हैं। परिवार ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले में शीघ्र निर्णय लेकर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है और अनुकंपा नियुक्ति ही उनके लिए सहारा बनी हुई है। ऐसे में वे चाहते हैं कि विभागीय प्रक्रिया को जल्द पूरा कर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। फिलहाल अंतिम फैसला जिला अनुकंपा समिति और संबंधित विभागीय अधिकारियों के स्तर पर लिया जाना है।