Jamshedpur: टाटा स्टील कंपनी परिसर में कॉपर केबल चोरी की कोशिश करने वाले युवक को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले तो किया गया, लेकिन पुलिस की भारी चूक के चलते वह आरोपी थाने से ही फरार हो गया। इस घटना ने एक ओर जहां कंपनी परिसर की सुरक्षा सतर्कता को साबित किया, वहीं दूसरी ओर बिष्टुपुर थाना की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना सोमवार देर रात करीब 12:30 बजे की है, जब टाटा स्टील के डीएम प्लांट (जोन चार) में सुरक्षा गार्डों ने एक युवक को कॉपर केबल काटते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी की पहचान जुगसलाई गरीब कॉलोनी निवासी मोहम्मद मुबारक अली के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, वह अवैध रूप से कंपनी परिसर में घुसकर कॉपर केबल की चोरी कर रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर टाटा स्टील सिक्योरिटी ने तत्परता दिखाते हुए युवक को काबू में कर लिया और तुरंत बिष्टुपुर थाना को सौंप दिया। लेकिन यहां पुलिस की लापरवाही सामने आई, जब आरोपी थाने में नाश्ता और पानी पीने के बहाने से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
थाने के भीतर से इस तरह आरोपी का भाग जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या थाने में आरोपी की निगरानी नहीं थी? क्या पुलिसकर्मी लापरवाह थे या कहीं न कहीं अंदरूनी मिलीभगत भी सामने आ सकती है?
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस विभाग ने खुद को बचाते हुए कहा है कि आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन खबर लिखे जाने तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
यह घटना न सिर्फ पुलिस की निष्क्रियता को उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि थाने के भीतर एक आरोपी कैसे इतनी आसानी से फरार हो सकता है? अब देखना यह है कि पुलिस अपनी गलती को कब और कैसे सुधारती है, और आरोपी को कब तक गिरफ्तार किया जाता है।