Jharkhand Politics: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान आखिरकार खत्म हो गई है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने JMM प्रमुख और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समझाने में सफलता हासिल की है, जिसके बाद सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है।
पर्यवेक्षकों की पहल रंग लाई, बातचीत के बाद सीट बंटवारे पर बनी सहमति
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पर्यवेक्षक भुपेश बगल और अजय शर्मा ने मुख्यमंत्री सोरेन के साथ लंबी बातचीत की। इस चर्चा के बाद दोनों दलों के बीच मतभेद दूर हुए और तय हुआ कि राज्यसभा की एक-एक सीट पर JMM और कांग्रेस अपने-अपने उम्मीदवार उतारेंगे।
गठबंधन में फिर दिखी एकजुटता, विधायकों को डिनर का न्योता
सीटों पर सहमति बनने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार रात गठबंधन के सभी विधायकों को डिनर पर आमंत्रित किया है। इसे महागठबंधन की एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्यसभा चुनाव में साझा रणनीति को मजबूती मिलेगी।
प्रणव झा की उम्मीदवारी से बढ़ी थी नाराजगी
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मीडिया सलाहकार प्रणव झा को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर दिया। JMM ने आरोप लगाया कि यह फैसला उसकी सहमति के बिना लिया गया, जिससे गठबंधन की भावना को ठेस पहुंची।
दोनों सीटों पर दावा ठोकने उतरी थी JMM
कांग्रेस के फैसले से नाराज JMM ने पहले दोनों राज्यसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया था। पार्टी का तर्क था कि गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल है और भाजपा को रोकने के लिए दोनों सीटों पर चुनाव लड़ना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत JMM ने पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम को एक सीट से अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया था।