Ranchi News : रिम्स की अधिग्रहीत जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़ा मामले में एसीबी की विशेष अदालत ने दो आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने राजकिशोर बड़ाइक और कार्तिक बड़ाइक की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे दोनों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
जानकारी के अनुसार झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जनवरी 2026 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की जांच के दौरान एसीबी ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी पूरे प्रकरण की विभिन्न पहलुओं से पड़ताल कर रही है।
फर्जी वंशावली बनाकर जमीन हड़पने का आरोप
मामले में आरोप है कि रिम्स की अधिग्रहीत जमीन को निजी संपत्ति दर्शाने के लिए फर्जी वंशावली तैयार की गई थी। जांच में सामने आया है कि करीब 9.65 एकड़ जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य भी किया गया। एसीबी इस बात की जांच कर रही है कि इस कथित फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
अदालत के फैसले के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं एसीबी का कहना है कि जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।