Putin Praises India: रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF-2026) में भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और संप्रभुता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी विदेशों से मिले आदेशों या “फरमानों” को महत्व नहीं दिया और हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लिए हैं।
भारत पर दबाव बनाना बेकार, पुतिन का पश्चिम को संदेश
पुतिन ने कहा कि किसी भी देश की स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने भारत को एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार बताते हुए कहा कि भारत पर दबाव बनाने की कोशिशें पूरी तरह बेकार हैं, क्योंकि वह पश्चिमी देशों के दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उनके बयान को भारत-रूस संबंधों पर पश्चिमी देशों की आलोचनाओं के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
आईटी ताकत और वैश्विक भूमिका की भी की तारीफ
रूसी राष्ट्रपति ने भारत की आर्थिक प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक आईटी उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है और दुनिया की अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। पुतिन के मुताबिक, भारत वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े और प्रभावशाली आर्थिक खिलाड़ियों में शामिल है।
BRICS की बढ़ती ताकत, रूस को अलग-थलग करने की कोशिश नाकाम
पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों पर टिप्पणी करते हुए पुतिन ने दावा किया कि रूस को अलग-थलग करने की रणनीति विफल रही है। उन्होंने कहा कि रूस दुनिया भर के देशों के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है और सीमा-पार परियोजनाओं का विस्तार जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि BRICS आर्थिक मोर्चे पर अब G7 देशों से आगे निकल चुका है और रूस भविष्य में भी अपने सहयोगियों व निवेशकों के साथ मिलकर आगे बढ़ता रहेगा।