Jharkhand News: झारखंड में बस से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है. डीजल की बढ़ती कीमतों और परिचालन खर्च में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए झारखंड बस ओनर एसोसिएशन ने निजी बसों के किराये में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव परिवहन विभाग को सौंपा है. प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद राज्य के भीतर चलने वाली बसों के साथ साथ बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के लिए संचालित बसों का किराया भी बढ़ सकता है.
बढ़ती लागत ने बढ़ाई बस संचालकों की परेशानी
झारखंड बस ओनर एसोसिएशन के वरीय उपाध्यक्ष संजय पांडेय ने बताया कि डीजल के दाम में लगातार वृद्धि हुई है. इसके अलावा यूरिया की कीमत और टॉल टैक्स में भी इजाफा हुआ है. ऐसे में बसों के संचालन का खर्च काफी बढ़ गया है और मौजूदा किराये पर सेवा जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है. इसी वजह से किराया संशोधन की मांग की गई है.
2008 के बाद किराये में नहीं हुई बड़ी बढ़ोतरी
बस संचालकों का कहना है कि वर्ष 2008 के बाद किराये में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की गई है. जबकि इस दौरान ईंधन समेत अन्य खर्च कई गुना बढ़ चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में पहले ही बस किराया बढ़ाया जा चुका है, जिसके कारण वहां आने जाने वाली बसों में संशोधित दरें लागू हैं.
4 जून की बैठक में लिया जाएगा अंतिम फैसला
किराया बढ़ोतरी को लेकर बस मालिकों की एक अहम बैठक 4 जून को प्रस्तावित है. इस बैठक में 15 से 20 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. फैसला होने के बाद रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, गढ़वा, डालटनगंज, गुमला, सिमडेगा और चतरा समेत कई प्रमुख रूटों पर यात्रियों को अधिक किराया देना पड़ सकता है.
कुछ रूटों पर शुरू हो चुकी है किराया बढ़ाने की कवायद
एसोसिएशन के अनुसार कोडरमा रूट की कुछ बसों में मौखिक रूप से किराया बढ़ाया जा चुका है. हालांकि अन्य रूटों पर किराया बढ़ाने को लेकर अंतिम फैसला बैठक के बाद ही लिया जाएगा.
पटना और कोलकाता जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ेगा असर
प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होने पर लंबी दूरी की यात्राएं भी महंगी हो जाएंगी. वर्तमान में रांची से पटना का सामान्य किराया करीब 500 रुपये है, जो बढ़कर लगभग 600 रुपये तक पहुंच सकता है. इसी तरह रांची से कोलकाता जाने वाले यात्रियों को भी पहले की तुलना में अधिक किराया देना पड़ सकता है.
यदि किसी रूट का मौजूदा किराया 100 रुपये है तो बढ़ोतरी के बाद यह 115 से 120 रुपये तक हो सकता है. वहीं 200 रुपये का किराया बढ़कर 230 से 240 रुपये तक पहुंच सकता है.
बस संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच परिवहन सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए किराया संशोधन जरूरी हो गया है. दूसरी ओर यदि प्रस्ताव लागू होता है तो आने वाले दिनों में बस यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है.