Current News: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) अपना पहला आधिकारिक विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। सोशल मीडिया पर बेहद कम समय में बड़ी लोकप्रियता हासिल करने वाली इस पार्टी के प्रदर्शन से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का परिवार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपना आवास छोड़कर किसी सुरक्षित और अज्ञात स्थान पर चला गया है।
परिवार को मिल रही थीं धमकियां
जानकारी के अनुसार, अमेरिका के बोस्टन में रहने वाले अभिजीत दीपके के परिवार को पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के माध्यम से धमकियां मिल रही थीं। स्थिति को देखते हुए छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने वालुज इलाके में स्थित उनके घर शंकर सदन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी की थी। बावजूद इसके, सुरक्षा कारणों से उनके माता-पिता भगवानराव दीपके और अनीता दीपके ने घर छोड़ने का निर्णय लिया।
ऑनलाइन अभियान से चर्चा में आई सीजेपी
अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया था। इस अभियान को देशभर के छात्रों और युवाओं का व्यापक समर्थन मिला। इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी ने महज चार दिनों में सोशल मीडिया पर दो करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हासिल कर लिए, जिसके बाद यह संगठन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर अभिजीत दीपके लगातार केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। दिल्ली में आयोजित होने वाला प्रदर्शन इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
माता-पिता ने राजनीति से दूर रहने की दी थी सलाह
अभिजीत दीपके के माता-पिता ने पहले सार्वजनिक रूप से उनसे राजनीति से दूरी बनाने की अपील की थी। भगवानराव दीपके और अनीता दीपके का कहना था कि अभिजीत को राजनीतिक गतिविधियों के बजाय अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को लेकर अपनी मुहिम जारी रखी है।
दिल्ली प्रदर्शन पर टिकी नजरें
नीट पेपर लीक मामले को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। अब सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन और उसके संभावित प्रभाव पर टिकी हुई हैं।