Stock Market: बेंगलुरु स्थित राजेश एक्सपोर्ट्स कभी भारत की सबसे सफल कंपनियों में गिनी जाती थी। सोने और अन्य कीमती धातुओं की रिफाइनिंग कर दुनिया भर में जूलरी निर्यात करने वाली यह कंपनी आय के मामले में देश की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल रही है। लेकिन अब सेबी की जांच ने कंपनी की इस सफलता की कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
15 लाख करोड़ की फर्जी कमाई का खुलासा
सेबी की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनी ने करीब 15 लाख करोड़ रुपये की फर्जी आय दिखाई। जांच में सामने आया कि कंपनी द्वारा घोषित राजस्व का बड़ा हिस्सा वास्तविक रिकॉर्ड और दस्तावेजों से मेल नहीं खाता। इस खुलासे के बाद निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है और बाजार में हड़कंप मच गया है।
शेयर में लोअर सर्किट, निवेशकों में घबराहट
सेबी की कार्रवाई के बाद गुरुवार को राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गया। बीएसई पर शेयर 110.15 रुपये से गिरकर 104.65 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 239 रुपये और न्यूनतम स्तर 80.11 रुपये रहा है। इस खबर के बाद निवेशकों का भरोसा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
97 से 99 फीसदी राजस्व बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप
3 जून को जारी आदेश में सेबी ने कहा कि कंपनी का 97 से 99 प्रतिशत राजस्व बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। सेबी सदस्य कमलेश चंद्र वर्ष्णेय ने इन अनियमितताओं को बेहद गंभीर और अभूतपूर्व बताया। बाजार नियामक ने कंपनी के प्रमोटर राजेश मेहता को शेयरों की खरीद-बिक्री और अन्य लेन-देन से तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।
विदेशी कंपनियां भी जांच के घेरे में, LIC पर असर
यह मामला मार्च 2024 में एक शेयरधारक की शिकायत के बाद सामने आया था। जांच के दौरान कंपनी ने कई अहम लेखा प्रणालियों तक पहुंच नहीं दी, जिससे वित्तीय आंकड़ों का सत्यापन प्रभावित हुआ। सेबी ने सिंगापुर और स्विट्जरलैंड स्थित सहायक कंपनियों की भी जांच की है और 30 दिनों के भीतर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस घटनाक्रम का असर एलआईसी पर भी पड़ा है, जिसकी कंपनी में करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है। खबर के बाद एलआईसी के शेयर में भी लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।