Jharkhand Inflation Update: मध्य-पूर्व में जारी तनाव और बढ़ती उत्पादन लागत का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखने लगा है. झारखंड में खाने-पीने की कई जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए हैं. सुबह की चाय से लेकर नाश्ते की थाली तक का खर्च बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है.
दूध और दही की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब ब्रेड कंपनियों ने भी दाम बढ़ा दिए हैं. ब्रेड निर्माता कंपनी मॉरिश ने अपने अलग-अलग उत्पादों की कीमतों में 2 से 5 रुपये तक की वृद्धि की है. कंपनी ने इसके पीछे कच्चे माल, पैकेजिंग, औद्योगिक गैस और उत्पादन खर्च में बढ़ोतरी को कारण बताया है.
सबसे ज्यादा असर बर्गर बन और पिज्जा बेस की कीमतों पर पड़ा है. इनकी कीमत करीब 15 रुपये प्रति पीस तक बढ़ गई है. वहीं खाद्य तेल, रिफाइंड, सरसों तेल और घी के दाम बढ़ने से खाना बनाना भी महंगा हो गया है.
चार लोगों के परिवार का नाश्ता अब 14 रुपये तक महंगा
एक सामान्य परिवार के लिए सुबह के नाश्ते में दूध, अंडा, ब्रेड और चाय का खर्च भी बढ़ गया है. चार सदस्यों वाले परिवार को छह उबले अंडे, एक लीटर दूध, ब्रेड और चार कप चाय के लिए पहले करीब 136 रुपये खर्च करने पड़ते थे. अब यही खर्च करीब 150 रुपये तक पहुंच गया है.
इस गणना में गैस का खर्च शामिल नहीं है, जबकि दूध गर्म करने, अंडा उबालने, ब्रेड सेंकने और चाय बनाने के लिए गैस की जरूरत पड़ती है. ऐसे में वास्तविक खर्च इससे भी ज्यादा हो सकता है.
मेधा ने बढ़ाए दूध-दही के दाम
डेयरी उत्पादों में भी राहत नहीं मिल रही है. मदर डेयरी और अमूल के बाद मेधा डेयरी ने भी अपने उत्पादों की कीमतों में बदलाव किया है.
डबल टोंड दूध अब 50 रुपये से बढ़कर 52 रुपये प्रति लीटर और टोंड दूध 54 रुपये से बढ़कर 56 रुपये प्रति लीटर हो गया है. शक्ति दूध, काउ मिल्क और फुल क्रीम गोल्ड दूध के दाम में भी 1 से 2 रुपये तक की वृद्धि की गई है. इसके अलावा पनीर 20 रुपये प्रति किलो और दही करीब 1 रुपये महंगा हुआ है.
रोजमर्रा की चीजों पर भी बढ़ी कीमत
महंगाई का असर सिर्फ खाने-पीने तक सीमित नहीं है. पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण कई एफएमसीजी कंपनियों ने भी अपने उत्पाद महंगे कर दिए हैं.
साबुन, टूथपेस्ट, हॉर्लिक्स, बैटरी, पेंसिल जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है.
तीन महीने में PNG के दाम 30 रुपये प्रति SCM बढ़े
उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी हुई है. गेल इंडिया ने फरवरी से मई के बीच औद्योगिक PNG के दाम में करीब 30.63 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की वृद्धि की है.
फरवरी में जहां उद्योगों को PNG 55.30 रुपये प्रति SCM की दर से मिल रही थी, वहीं मार्च में 6 रुपये और मई में 24.63 रुपये प्रति SCM की बढ़ोतरी की गई. इस बढ़ती लागत का असर अब सीधे खाद्य उत्पादों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में दिखाई दे रहा है.