NEET Paper Leak 2026: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली 18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी की नागपुर में हुई कथित आत्महत्या का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है. छात्रा के कमरे से मिले सुसाइड नोट के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. परिजनों का दावा है कि NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक की खबरों के बाद आकांक्षा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी.
सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द
जानकारी के अनुसार, आकांक्षा नागपुर के एक कोचिंग संस्थान में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी. 20 मई को वह अपने कमरे में मृत मिली थी. बाद में उसके कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने अपने माता पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि अब उसमें दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है. उसने यह भी लिखा कि पहले प्रयास में उसे अच्छे अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब भविष्य को लेकर उसका भरोसा टूट चुका है.
बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए परिवार ने उठाए बड़े आर्थिक जोखिम
आकांक्षा मऊगंज जिले के मगनिया गांव की रहने वाली थी. उसके पिता कृष्ण कुमार चौबे एक छोटे किसान हैं. परिवार के अनुसार, बेटी को डॉक्टर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए करीब तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था. इतना ही नहीं, कोचिंग और अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए उन्होंने नागपुर में रसोइए के रूप में भी काम किया. परिवार ने रिश्तेदारों से भी आर्थिक मदद जुटाई थी ताकि आकांक्षा की पढ़ाई प्रभावित न हो.
परीक्षा के बाद खुश थी आकांक्षा, फिर बदल गए हालात
परिजनों का कहना है कि परीक्षा देने के बाद आकांक्षा काफी उत्साहित थी. उसके चाचा जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी के मुताबिक, वह 650 से अधिक अंक आने की उम्मीद जता रही थी और अपने प्रदर्शन को लेकर आत्मविश्वास से भरी हुई थी. हालांकि बाद में परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की खबरों ने उसे गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया. परिवार का दावा है कि इसके बाद उसने लोगों से बातचीत कम कर दी थी और खाना पीना भी लगभग छोड़ दिया था.
राहुल गांधी ने सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर साधा निशाना
इस घटना को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती थी और उसके पिता ने बेटी के सपने को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितताओं ने छात्रा को गहरे संकट में धकेल दिया. राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल एक छात्रा की मौत का मामला नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े गंभीर सवालों को सामने लाता है. उन्होंने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय से जवाबदेही तय करने की मांग भी की.