Ranchi News:राजधानी रांची में आवारा जानवरों की बढ़ती संख्या आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है. शहर की प्रमुख सड़कों, चौक चौराहों और गलियों में खुलेआम घूम रहे मवेशी और कुत्ते यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं. आए दिन सड़क दुर्घटनाओं और डॉग बाइट की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान को लेकर रांची नगर निगम की ओर से अब तक कोई प्रभावी पहल नजर नहीं आ रही है.
सड़क पर अचानक आने से हो रहे हादसे
स्थानीय लोगों के अनुसार दिन और रात दोनों समय आवारा जानवर सड़क के बीचों बीच बैठे या घूमते दिखाई देते हैं. कई बार ये अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं, जिससे चालक संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं. वहीं आवारा कुत्तों के झुंड राहगीरों और बच्चों के लिए भी खतरा बन गए हैं. डॉग बाइट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसके कारण लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है.
जानवरों को पकड़ने के लिए बनी टीम नहीं दिखा सकी असर
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने करीब तीन वर्ष पहले आवारा जानवरों को पकड़ने और उनका डाटा तैयार करने के उद्देश्य से कैटल कैचिंग टीम का गठन किया था. तत्कालीन स्वास्थ्य पदाधिकारी की निगरानी में बनी इस टीम में कई कर्मचारियों को शामिल किया गया था. हालांकि टीम न तो शहर से आवारा जानवरों को हटाने में सफल रही और न ही इनके संबंध में कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार कर सकी. वर्तमान में निगम के पास ऐसे जानवरों के प्रबंधन को लेकर कोई स्पष्ट कार्ययोजना भी नहीं है.
कांजी हाउस नहीं होने से बढ़ रही परेशानी
इस समस्या की एक बड़ी वजह शहर में कांजी हाउस यानी पशु आश्रय केंद्र का अभाव भी है. वर्ष 2011 में चलाए गए कैटल कैचिंग अभियान के दौरान पकड़े गए पशुओं को अस्थायी रूप से अपर बाजार स्थित निगम के स्टोर में रखा गया था. इसके बाद न तो बड़े स्तर पर कोई विशेष अभियान चलाया गया और न ही पशुओं को रखने के लिए स्थायी व्यवस्था विकसित की गई.
कई इलाकों में सबसे ज्यादा गंभीर है समस्या
कांटाटोली, अपर बाजार, रातू रोड, बरियातू, कोकर, चुटिया, बहू बाजार, मेन रोड और डोरंडा समेत कई क्षेत्रों में आवारा जानवरों की समस्या अधिक गंभीर बनी हुई है. इन इलाकों में सड़कों के साथ साथ गलियां भी जानवरों का ठिकाना बन चुकी हैं. इसके अलावा ये जानवर कचरा फैलाकर शहर की स्वच्छता व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहे हैं.
नगर निगम की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
आवारा जानवरों से बढ़ती परेशानियों के बीच नगर निगम की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं. इस संबंध में नगर आयुक्त सुशांत गौरव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.