Ranchi News : JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच परीक्षा कराने वाली कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। इनमें ICN India के निदेशक एमपी सिंह का नाम भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एमपी सिंह को आरोपी अभय कुमार तिवारी का गुरु बताया जाता है। यह दावा भी किया गया है कि परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों में एमपी सिंह चार बार जेल जा चुके हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पिछले एक साल में JSSC की कई परीक्षाओं में ICN India के निदेशक एमपी सिंह की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। JSSC CGL और तकनीकी परीक्षाओं से जुड़े काम में अन्य कंपनियों की भूमिका की भी चर्चा हुई है। CGL प्रश्न पत्र लीक मामले में एमपी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और उन्हें कथित तौर पर मामले का मास्टरमाइंड बताए जाने की बात सामने आई है।
आरोप है कि एमपी सिंह और अभय कुमार तिवारी के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं। परीक्षा कराने वाली कंपनियों के जरिए प्रश्न पत्र लीक करने, OMR में कथित गड़बड़ी करने और पैसे लेकर अभ्यर्थियों को पास कराने का नेटवर्क चलाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
अरुण कुमार और मिथिलेश सिंह का नाम भी सामने
परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े आरोपों में अरुण कुमार और मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह का नाम भी सामने आया है। अरुण कुमार को Binssis Technology Private Limited और आरके सिंह को ICN India Private Limited से जोड़ा गया है।
आरोप है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल परीक्षा से जुड़े काम हासिल करने के लिए किया गया। इसके बाद प्रश्न पत्र लीक करने और OMR में कथित छेड़छाड़ के जरिए अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने की बात कही गई है।
दावे के अनुसार, आरके सिंह ने अपने बेटे नवीन किशोर के नाम पर ICN India Private Limited कंपनी बनाई। वहीं अरुण कुमार पर आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद उन्होंने अपने ड्राइवर भूषण पासवान और कर्मचारी अजित कुमार को कंपनी में निदेशक बनाया, जबकि खुद शेयर होल्डर बने रहे।
JSSC जूनियर इंजीनियर परीक्षा भी सवालों के घेरे में
3 जुलाई 2022 को हुई JSSC जूनियर इंजीनियर परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा से तीन दिन पहले लीक होने का आरोप लगाया गया था। दावा है कि बिहार और झारखंड के करीब 700 अभ्यर्थियों तक प्रश्न पत्र पहुंचा था। प्रश्न पत्र सामने आने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।
इस मामले में अरुण कुमार के सहयोगी अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी की बात सामने आई थी। अरुण कुमार के फरार रहने का भी दावा किया गया। आरोप है कि परीक्षा का टेंडर गलत कागजात के आधार पर हासिल किया गया था। बाद में JSSC ने संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
CGL परीक्षा में भी प्रश्न पत्र लीक का आरोप
28 जनवरी 2024 को हुई JSSC CGL परीक्षा में भी प्रश्न पत्र लीक का मामला सामने आया था। आरोप है कि अरुण कुमार और आरके सिंह ने राजस्थान के कुछ कथित परीक्षा माफिया के साथ मिलकर प्रश्न पत्र लीक किया। बिहार के गया और औरंगाबाद में कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का दावा किया गया। प्रश्न पत्र वायरल होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
JPSC परीक्षाओं को लेकर भी गंभीर आरोप
आरोप है कि वर्ष 2020 से अरुण कुमार JPSC परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक और OMR में कथित छेड़छाड़ से जुड़े रहे हैं। इसके जरिए अभ्यर्थियों से करोड़ों रुपये लेने का भी दावा किया गया है।
वर्ष 2023 में Binssis Technology के ब्लैकलिस्ट होने के बाद ICN India के जरिए JPSC से जुड़े काम हासिल करने का आरोप लगाया गया। इसके लिए गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल करने और कुछ अधिकारियों की मदद लेने का भी दावा किया गया है। JPSC की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक करने, OMR में कथित छेड़छाड़ और मेन्स परीक्षा की कॉपियां स्टोर रूम से बाहर निकालकर दोबारा लिखवाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
DRDO और दूसरी परीक्षाओं में भी गड़बड़ी के दावे
अरुण कुमार पर DRDO से जुड़ी परीक्षाओं में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। दावा है कि कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को गलत तरीके से पास कराया गया। MES पुणे की 2021-22 की परीक्षा में करीब 300 अभ्यर्थियों की OMR में कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। दिल्ली में 2020 में हुई NII परीक्षा में भी करीब 20 अभ्यर्थियों को OMR में गड़बड़ी के जरिए लाभ पहुंचाने का दावा किया गया है।
NTPC और बिहार सिपाही भर्ती मामले का भी उल्लेख
अरुण कुमार पर वर्ष 2017 में NTPC नवीनगर, बिहार की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी और परीक्षा रद्द होने की बात सामने आई है।
वर्ष 2019 में बिहार सिपाही भर्ती से जुड़े मामले में करीब 14 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया गया। इस मामले में FIR दर्ज होने और अरुण कुमार के जेल जाने का दावा किया गया है।
आरके सिंह पर कई राज्यों में मामले होने का दावा
आरके सिंह उर्फ मिथिलेश सिंह के खिलाफ बिहार, राजस्थान, तेलंगाना और पंजाब समेत कई राज्यों में परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
राजस्थान में RPSC परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में उनकी गिरफ्तारी का दावा किया गया है। तेलंगाना मेडिकल प्रवेश परीक्षा और पंजाब की एक परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में भी उनके जेल जाने की बात कही गई है।
आरके सिंह पर ICN India के नाम पर परीक्षा से जुड़े टेंडर हासिल करने का आरोप है। परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने और परीक्षा के बाद खाली OMR भरकर अभ्यर्थियों को पास कराने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
संपत्ति और फिल्म निर्माण को लेकर भी दावे
आरके सिंह पर प्रश्न पत्र लीक के जरिए 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बनाने का आरोप लगाया गया है। बिहार में B.Ed और ITI कॉलेज, जमीन, पुणे में होटल तथा दिल्ली और गुरुग्राम में जमीन और फ्लैट होने का दावा किया गया है।
वहीं अरुण कुमार पर भी 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बनाने का आरोप लगाया गया है। दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, रांची और पश्चिम बंगाल में जमीन, फ्लैट और अन्य संपत्तियां होने की बात कही गई है।
अरुण कुमार पर परीक्षा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े से कमाए गए पैसे को फिल्म निर्माण में लगाने का आरोप भी लगाया गया है। Lovely Film Production House, मुंबई के नाम से फिल्म निर्माण से उनका जुड़ाव बताए जाने के साथ वर्ष 2019 में "सेटर्स" फिल्म के निर्माण का भी उल्लेख किया गया है।
अरुण कुमार के भाई का नाम भी पुराने मामलों में
अरुण कुमार के भाई श्रीकांत उर्फ लल्लू का नाम भी पुराने परीक्षा फर्जीवाड़े के मामलों से जोड़कर सामने आया है। दावा है कि उन्हें वर्ष 2005 में दिल्ली क्राइम ब्रांच और वर्ष 2011 में AIIMS PG प्रवेश परीक्षा से जुड़े प्रश्न पत्र लीक और OMR में गड़बड़ी के मामलों में गिरफ्तार किया गया था।
आरोप है कि दोनों भाई परीक्षा से जुड़े मामलों में एक-दूसरे के साथ काम करते रहे हैं।
इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित मामलों में जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही आरोपों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।