Kodarma News : कोडरमा मंडल कारा एक बार फिर विवादों में घिर गया है। जेल में बंद एक कैदी ने कारा प्रशासन पर अवैध वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा है। शिकायत में जेल के भीतर बंदियों से विभिन्न सुविधाओं के बदले पैसे मांगने और नियमों के विपरीत कार्य किए जाने का आरोप लगाया गया है।
कैदी द्वारा भेजे गए आवेदन में दावा किया गया है कि जेल में सामान्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी बंदियों पर आर्थिक दबाव बनाया जाता है। आरोप है कि पैसे देने वाले बंदियों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि कई बंदी इस स्थिति से परेशान हैं, लेकिन कार्रवाई के डर से खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं।
शिकायत पत्र में कारा प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल, निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग
शिकायत में जेल प्रशासन के कुछ अधिकारियों और कर्मियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। कैदी ने आरोप लगाया है कि जेल के भीतर कई गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं चल रही हैं और बंदियों के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। उसने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कैदी ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उसने संबंधित अधिकारियों से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा सामने न आएं।
प्रशासनिक स्तर पर शिकायत की समीक्षा शुरू, जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर शिकायत की समीक्षा शुरू कर दी गई है। हालांकि अब तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, शिकायत की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों द्वारा जांच कराई जा सकती है। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले ने कोडरमा मंडल कारा की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं।