Ranchi Big News: रांची के चर्चित बड़गाई जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ा अपडेट आया है. इस केस के दो प्रमुख आरोपी, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह और रैयत राजकुमार पाहन की डिस्चार्ज (आरोपमुक्त करने की) याचिका पर पीएमएलए की विशेष अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब अदालत इस मामले में आगामी 10 जून को अपना अंतिम आदेश सुनाएगी.
खुद को बेकसूर बता रहे आरोपी
दोनों आरोपियों ने अदालत में अर्जी दाखिल कर दावा किया है कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं और इस मामले से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है. इसलिए उन्हें इस केस से बरी (आरोपमुक्त) कर दिया जाए. कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं, जिसके बाद जज ने फैसला सुनाने के लिए 10 जून की तारीख तय कर दी.
व्हाट्सएप चैट और मैरिज हॉल का कनेक्शन
जांच एजेंसी ईडी (ED) के मुताबिक, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह का नाम पूछताछ के दौरान सामने आया था. ईडी का दावा है कि विनोद के मोबाइल से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुई व्हाट्सएप चैट मिली थी. इस चैट में न सिर्फ अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी लिस्ट थी, बल्कि बड़गाई की इसी विवादित 8.5 एकड़ जमीन पर एक मैरिज हॉल बनाने का नक्शा (डिजाइन) भी शामिल था.
चार्जशीट में सीएम समेत कई बड़े नाम
ईडी इस पूरे मामले में पहले ही अपनी चार्जशीट (अभियोजन शिकायत) दाखिल कर चुकी है. इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, आर्किटेक्ट विनोद सिंह, बड़गाई अंचल के सस्पेंडेड कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद, राजकुमार पाहन, जमीन कारोबारी हिलेरियस कच्छप और अंतू तिर्की समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है. अब सभी की नजरें 10 जून को आने वाले अदालती फैसले पर टिकी हैं.