Ranchi News: रांची के बरियातू स्थित जेनेटिक हॉस्पिटल में 17 वर्षीय बिपाशा कुमारी की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। बिपाशा कांके प्रखंड के पिठोरिया निवासी एक आदिवासी परिवार की बेटी थी। परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले एक अज्ञात पिकअप वाहन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
“बकाया राशि दो, तब मिलेगा शव” परिजनों का आरोप
किशोरी की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने लगभग एक लाख रुपये बकाया होने का हवाला देते हुए शव सौंपने से इनकार कर दिया। इस आरोप के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और परिजन शव को लेकर परेशान नजर आए।
भाजपा नेता कमलेश राम पहुंचे, प्रबंधन से की बातचीत
घटना की सूचना मिलने पर भाजपा नेता कमलेश राम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों की शिकायत सुनी और अस्पताल प्रबंधन से वार्ता कर शव को तत्काल परिजनों को सौंपने की मांग की। इस दौरान अस्पताल में काफी देर तक बहस और हंगामे की स्थिति बनी रही।
मशक्कत के बाद परिजनों को मिला शव, उठे कई सवाल
लंबी बातचीत और हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मृत किशोरी का शव परिजनों के हवाले कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर अपने घर रवाना हुए। घटना के बाद अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि स्थानीय लोगों ने ऐसे मामलों में मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देने की मांग की है।