National News: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले में अब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज हो गई है. केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच के बाद महाराष्ट्र के बीड जिले में प्रशासन ने कथित मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी से जुड़ी एक अवैध चार मंजिला इमारत पर बुलडोजर चला दिया. नगर निगम की ओर से पहले नोटिस जारी किया गया था और निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की गई. इस कदम को पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
पी.वी. कुलकर्णी आखिर कौन है और जांच में उसका नाम कैसे सामने आया
जांच एजेंसियों के अनुसार पी.वी. कुलकर्णी एक सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्राध्यापक है. वह लातूर के दयानंद कॉलेज में अपनी सेवाएं दे चुका है और बाद में पुणे में सक्रिय था. जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण उसकी पहुंच गोपनीय प्रश्नपत्रों तक थी. इसी आधार पर उसे पूरे मामले का प्रमुख आरोपी माना जा रहा है.
पुणे स्थित घर में चल रही थी कथित गुप्त तैयारी
सीबीआई की जांच में दावा किया गया है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने पुणे स्थित अपने आवास पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया था. आरोप है कि इस दौरान उन छात्रों को बुलाया गया था जो इसके लिए बड़ी रकम देने को तैयार थे.
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि छात्रों को संभावित नहीं बल्कि सीधे प्रश्न और उनके उत्तर लिखवाए गए थे. उन्हें इन सवालों को याद करने के निर्देश दिए गए थे. बाद में जब जांच एजेंसियों ने इन नोट्स और 3 मई 2026 को आयोजित वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र का मिलान किया तो दोनों में पूरी समानता पाई गई.
एक महिला आरोपी की गिरफ्तारी के बाद खुला पूरा राज
मामले में जांच को महत्वपूर्ण बढ़त तब मिली जब 14 मई को गिरफ्तार की गई आरोपी मनीषा वाघमारे से पूछताछ की गई. जांच के दौरान उसके बयान में पी.वी. कुलकर्णी का नाम सामने आया. इसके बाद सीबीआई ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुलकर्णी को पुणे से गिरफ्तार कर लिया.
देश के कई शहरों में जारी है जांच एजेंसियों की कार्रवाई
पेपर लीक मामले की जांच अब कई राज्यों तक फैल चुकी है. सीबीआई की विशेष टीमों ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक और अहिल्यानगर समेत विभिन्न शहरों में छापेमारी कर अब तक सात अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. एजेंसी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
बुलडोजर कार्रवाई से गया सख्त संदेश
बीड में की गई यह कार्रवाई केवल एक अवैध निर्माण हटाने तक सीमित नहीं मानी जा रही है. प्रशासन और जांच एजेंसियों ने साफ संकेत दिया है कि शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी प्रहार किया जाएगा. फिलहाल सीबीआई मामले से जुड़े अन्य प्रभावशाली चेहरों और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है.