Jharkhand: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना (AAY) के तहत नए लाभुकों को फिलहाल कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। ग्रामीण विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में सरकार की प्राथमिकता पहले से स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य पूरा करना है। विभाग का कहना है कि लंबित आवासों को पूरा करने और शेष किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करने के बाद ही नए आवासों की स्वीकृति पर निर्णय लिया जाएगा।
4.50 लाख आवास का लक्ष्य, 4.33 लाख को मिली स्वीकृति
वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार ने 4.50 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके तहत कुल 4,33,392 आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई। योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभुकों को विभिन्न चरणों में राशि उपलब्ध कराई गई है, लेकिन अभी भी हजारों आवासों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
लाभुकों को जारी की गई विभिन्न किस्तें
विभागीय समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार अब तक 2,97,380 लाभुकों को पहली किस्त, 2,46,772 लाभुकों को दूसरी किस्त, 1,24,406 लाभुकों को तीसरी किस्त तथा 8,155 लाभुकों को चौथी किस्त की राशि जारी की जा चुकी है। सरकार का दावा है कि योजना के तहत निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
2023-24 के हजारों लाभुक अब भी अंतिम किस्त के इंतजार में
वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत दो लाख आवासों में से अब तक केवल 1,36,297 आवासों का निर्माण पूरा हो सका है। वहीं 51,786 लाभुक ऐसे हैं, जिन्हें अभी भी चौथी और अंतिम किस्त का इंतजार है। इससे स्पष्ट है कि योजना के तहत बड़ी संख्या में आवास अभी अधूरे हैं और लाभुकों को पूरी राशि मिलने की प्रक्रिया जारी है।
कुछ जिलों का प्रदर्शन रहा कमजोर
राज्य सरकार के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत आवासों में से 94.41 प्रतिशत आवासों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके बावजूद कई जिलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार गोड्डा, चतरा और पलामू जिले योजना के क्रियान्वयन में सबसे पीछे हैं, जहां आवास निर्माण की गति संतोषजनक नहीं रही है।
पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां की स्थिति
पूर्वी सिंहभूम जिले में 29,815 आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें 17,920 लाभुकों को पहली, 15,154 को दूसरी और 6,204 लाभुकों को तीसरी किस्त जारी की गई है, जबकि केवल एक लाभुक को चौथी किस्त का भुगतान किया गया है। वहीं सरायकेला-खरसावां जिले में 24,636 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें 16,644 लाभुकों को पहली, 13,800 को दूसरी, 6,764 को तीसरी तथा 282 लाभुकों को चौथी किस्त जारी की गई है।
नए लाभुकों को करना पड़ सकता है इंतजार
ग्रामीण विकास विभाग का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान में सरकार का पूरा फोकस पहले से स्वीकृत आवासों को पूरा कराने और लंबित भुगतान निपटाने पर है। ऐसे में अबुआ आवास योजना के तहत नए लाभुकों के चयन और नए आवासों की स्वीकृति की प्रक्रिया फिलहाल टल सकती है। इससे योजना का लाभ पाने की उम्मीद लगाए बैठे हजारों नए आवेदकों को कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है।