Jharkhand: डुमरी विधायक जयराम महतो द्वारा पुलिस बल को लेकर दिए गए हालिया बयान पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के संयुक्त सचिव राकेश पांडेय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि जनप्रतिनिधियों से जिम्मेदार और मर्यादित आचरण की अपेक्षा की जाती है, न कि पुलिस बल का मनोबल तोड़ने वाली बयानबाजी की।
अदिति मामले में पुलिस की संवेदना और प्रतिबद्धता
एसोसिएशन ने कहा कि मासूम अदिति और उसके परिजनों के प्रति झारखंड पुलिस की गहरी संवेदनाएं हैं। राज्य का प्रत्येक पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। ऐसे में पुलिस के कार्यों पर बिना तथ्यों के सवाल उठाना उचित नहीं है।
फोन कॉल सार्वजनिक करना और धमकी देना अनुचित
पुलिस एसोसिएशन ने कहा कि विधायक द्वारा फोन कॉल को सार्वजनिक करना, कैमरे के सामने पुलिस अधिकारियों को कठघरे में खड़ा करना और सार्वजनिक रूप से धमकी भरे लहजे में बयान देना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल भी प्रभावित होता है।
सस्ती लोकप्रियता के लिए पुलिस की छवि धूमिल करने का आरोप
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए पुलिस बल की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। बयान में कहा गया कि वर्दी पर कीचड़ उछालकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश पुलिस बल के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हर नागरिक पुलिस के लिए वीआईपी
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि झारखंड पुलिस के लिए राज्य का हर नागरिक समान रूप से महत्वपूर्ण है। किसी भी अपराध या घटना की जांच कानून के दायरे में रहकर की जाती है और पीड़ितों को न्याय दिलाने तथा दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से कार्य करती है।
बयानबाजी से बढ़ सकता है अविश्वास का माहौल
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कहा कि पुलिस के खिलाफ इस प्रकार की अनर्गल और भ्रामक बयानबाजी समाज में अविश्वास और घृणा का माहौल पैदा कर सकती है। इससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले जवानों का मनोबल कमजोर होता है और अराजक तत्वों को बढ़ावा मिलने की आशंका रहती है।
पुलिस बल के सम्मान की रक्षा जरूरी
एसोसिएशन ने सभी जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे पुलिस बल के सम्मान और मनोबल को बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी मुद्दे पर तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात रखें, ताकि जनता और पुलिस के बीच विश्वास कायम रहे।