Jamshedpur: बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और कम आय को लेकर जमशेदपुर के टैक्सी चालकों ने आज ओला, उबर और रैपिडो जैसी कैब सेवा कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोला। टैक्सी ड्राइवरों का कहना है कि मौजूदा किराया संरचना में काम करना उनके लिए घाटे का सौदा बन गया है और अब परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
बेस चार्ज बढ़ाने की उठी मांग
टैक्सी चालकों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन कंपनियों की ओर से बेस किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। उनका आरोप है कि मौजूदा दरों पर काम करने से उन्हें पर्याप्त आय नहीं हो पा रही है और अधिकांश कमाई वाहन के रखरखाव व ईंधन खर्च में ही चली जाती है। उन्होंने कंपनियों से तत्काल बेस चार्ज बढ़ाने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
चालकों ने सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई हैं। उनका कहना है कि कई बार यात्रियों का व्यवहार ड्राइवरों के प्रति उचित नहीं होता और किराया भुगतान के समय भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसके बावजूद कंपनियां ड्राइवरों की सुरक्षा और समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती हैं।
हेल्पलाइन और कस्टमर केयर पर नाराजगी
टैक्सी चालकों का आरोप है कि किसी भी समस्या या विवाद की स्थिति में कंपनी की हेल्पलाइन और कस्टमर केयर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। उनका कहना है कि दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में भी कंपनियां ड्राइवरों की सहायता के बजाय ग्राहक को प्राथमिकता देती हैं, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल की चेतावनी
जमशेदपुर टैक्सी ड्राइवर यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया और बेस किराए में बढ़ोतरी समेत अन्य समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। यूनियन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर पूरे जमशेदपुर में टैक्सी सेवा बंद कर हड़ताल भी की जा सकती है।