Adityapur: आरआईटी थाना क्षेत्र स्थित औद्योगिक क्षेत्र में पम्मी धर्मकांटा के समीप शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। वजन कराने जा रहा एक लॉजिस्टिक कंटेनर ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आ गया, जिससे उसमें भीषण आग लग गई। हादसे में कंटेनर चालक गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल भेजा गया। वहीं चालक की मौत होने की सूचना मिल रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। चालक मध्य प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है।
हाईटेंशन तार से संपर्क होते ही धधक उठा कंटेनर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कंटेनर जैसे ही धर्मकांटा परिसर की ओर बढ़ा, उसका ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन तार से टकरा गया। संपर्क होते ही तेज चिंगारी निकली और देखते ही देखते कंटेनर आग की लपटों में घिर गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। उनका आरोप है कि इसी स्थान पर पहले भी कई बार इस तरह के हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने बताया कि घटनास्थल पर हाईटेंशन तार में जोड़ भी दिखाई देता है, जिससे पूर्व में हुई किसी क्षति या घटना की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जमीन कब्जे और ऊंचाई बढ़ाने के आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जियाडा द्वारा पम्मी धर्मकांटा को लगभग 2200 वर्गफीट भूमि आवंटित की गई थी, जबकि वर्तमान में 6000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में इसका संचालन किया जा रहा है। लोगों का दावा है कि हाईटेंशन लाइन के नीचे जमीन का स्तर बढ़ा दिया गया, जिसके कारण कंटेनर और तार के बीच दूरी कम हो गई और यह हादसा हुआ। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
धर्मकांटा प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार
पम्मी धर्मकांटा के संचालक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें पूर्व में ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है और उनके अनुसार यह पहली घटना है। उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है।
विद्युत विभाग ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) ने बताया कि मामले की तकनीकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग को पहले इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह भी उठता है कि जब इतने दिनों से जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है तो जियाडा ने अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
इस हादसे के बाद औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों, विद्युत व्यवस्था, भूमि उपयोग और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, जियाडा, विद्युत विभाग और आरआईटी थाना से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और मामले की जांच जारी है। चालक की मौत की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।