Ranchi News : झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है। पार्टी ने चुनाव आयोग से पूरे चुनाव पर नजर रखने और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग की है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि झारखंड विधानसभा में महागठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है। उन्होंने बताया कि 81 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन के कुल 56 विधायक हैं। इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक शामिल हैं।
पत्र में कहा गया है कि राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। ऐसे में महागठबंधन दोनों सीटों पर जीत की स्थिति में है।
भाजपा पर विधायकों को प्रभावित करने की आशंका जताई
झामुमो ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद पार्टी उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। पार्टी के मुताबिक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और सांसद आदित्य साहू सार्वजनिक रूप से उम्मीदवार उतारने की बात कह चुके हैं। जबकि विधानसभा में भाजपा के पास केवल 21 विधायक हैं।
पार्टी ने कहा कि ऐसी स्थिति में विपक्ष की ओर से विधायकों पर दबाव, प्रलोभन या डर दिखाकर वोट प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। इसी वजह से चुनाव आयोग से विशेष निगरानी की मांग की गई है।
ईडी, सीबीआई समेत एजेंसियों को सतर्क रखने की मांग
झामुमो ने चुनाव आयोग से कहा है that राज्यसभा चुनाव के दौरान सीबीआई, ईडी, डीआरआई, सीवीसी और झारखंड एसीबी जैसी एजेंसियों को सतर्क रखा जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।
पार्टी का कहना है कि सख्त निगरानी से चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा।