Ranchi News : सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज रांची में विश्व सिज़ोफ्रेनिया दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम कॉलेज के मेंटल हेल्थ क्लब द्वारा आईक्यूएसी और शिक्षा विभाग के सहयोग से शिक्षा विभाग के हॉल में आयोजित हुआ। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “Rethink The Label: Reclaim The Story” रखी गई थी।
विश्व सिज़ोफ्रेनिया दिवस हर साल 24 मई को मनाया जाता है, जबकि कॉलेज में इसका आयोजन 25 मई को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सिज़ोफ्रेनिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करना और समाज में समझ व सहानुभूति बढ़ाना था। कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्राचार्य ने सहयोग और संवेदनशीलता का दिया संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फा. रॉबर्ट प्रदीप कुजूर के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति दया, सम्मान और सहयोग का भाव रखना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे लोगों के लिए सहयोगी माहौल बनाने की अपील की।
इस मौके पर डॉ. अनुपमा भार्गव ने विश्व सिज़ोफ्रेनिया दिवस के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि हर 100 लोगों में से 1 व्यक्ति इस बीमारी से प्रभावित होता है।
मेंटल हेल्थ क्लब की समन्वयक प्रो. संध्या भेंगरा ने कार्यक्रम की थीम पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति को सिर्फ उसकी बीमारी से नहीं पहचानना चाहिए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की जरूरत पर भी जोर दिया।
डॉक्यूमेंट्री फिल्म और संवाद सत्र बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ए ड्रॉप ऑफ सनशाइन का प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म का निर्देशन अपर्णा सैनिया ने किया है। फिल्म में तमिलनाडु की छात्रा रेश्मा वल्लीअप्पन की प्रेरणादायक कहानी दिखाई गई है।
इस दौरान विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें छात्रों ने मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर विषय बताते हुए समाज से सहयोग और समर्थन की जरूरत पर बल दिया। इसके बाद मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को खत्म करने के लिए शपथ भी दिलाई गई।
जागरूकता रिबन और पर्चों का किया गया वितरण
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कॉलेज के स्टाफ और विद्यार्थियों के बीच सिल्वर अवेयरनेस रिबन और जागरूकता पर्चों का वितरण किया। कार्यक्रम में डॉ. फा. फ्लोरेंस पुर्ति, डॉ. नंदिता पांडेय, प्रो. जगबंधु, प्रो. सुधा, प्रो. विक्रम और प्रो. कंचिता टोप्पो समेत कई शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सहानुभूति के संदेश के साथ हुआ।