NEET Paper Leak 2026: देशभर में NEET परीक्षा को लेकर जारी विवाद और तनाव के बीच कर्नाटक के कलबुर्गी जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. NEET परीक्षा में शामिल हुई 18 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. छात्रा पढ़ाई में काफी होनहार बताई जा रही थी और हाल ही में उसने PUC बोर्ड परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और परिवार गहरे सदमे में है.
कमरे में फंदे से लटकी मिली छात्रा, पुलिस जांच में जुटी
मृतक छात्रा की पहचान भाग्यश्री के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, भाग्यश्री ने 2 मई को आयोजित NEET परीक्षा में हिस्सा लिया था. रविवार को वह अपने अपार्टमेंट के कमरे में फंदे से लटकी हुई मिली. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्रा ने सीलिंग फैन से लटककर अपनी जान दी. हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस फिलहाल हर पहलू से मामले की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि परिवार और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि छात्रा किस मानसिक दबाव या परिस्थिति से गुजर रही थी.
92 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्रा की मौत से परिवार सदमे में
भाग्यश्री पढ़ाई में बेहद मेधावी मानी जाती थी. हाल ही में घोषित PUC बोर्ड परीक्षा में उसने 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं और वह मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती थी. छात्रा की अचानक मौत ने परिवार के साथ साथ आसपास के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है. घटना के बाद इलाके में छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और प्रतियोगी परीक्षाओं के तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
NEET परीक्षा रद होने के बाद छात्रों में बढ़ा तनाव
हाल के दिनों में NEET UG 2026 परीक्षा रद होने के बाद देशभर के कई छात्र मानसिक तनाव और अनिश्चितता से जूझ रहे हैं. पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने परीक्षा को रद करने का फैसला लिया था. इस फैसले से देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं. लंबे समय तक तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के बीच भविष्य को लेकर चिंता और निराशा का माहौल बना हुआ है.
राजस्थान के सीकर में भी मेडिकल छात्र ने की थी आत्महत्या
इससे पहले 16 मई को राजस्थान के सीकर से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था. झुंझुनूं जिले के रहने वाले प्रदीप मेघवाल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. वह पिछले तीन साल से सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे. परिवार के मुताबिक, प्रदीप को इस बार करीब 650 अंक आने की उम्मीद थी. लेकिन परीक्षा रद होने की खबर के बाद वह काफी तनाव में रहने लगा था. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं के तनाव और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.